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20 फीट पानी में उतरा प्रधान आरक्षक, शव बाहर निकाला:ग्रामीण और तैराक पीछे हटे, बसंत उइके ने कमर में रस्सी बांधकर शव निकाला
बैतूल के आमला थाना क्षेत्र के ढुटमूर गांव में नदी के करीब 20 फीट गहरे पानी में शव मिलने की सूचना पर प्रधान आरक्षक बसंत उइके ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे बाहर निकाला। ग्रामीण और स्थानीय तैराक गहरे पानी में उतरने को तैयार नहीं थे। ऐसे में बसंत उइके ने कमर में रस्सी बांधी और तैरकर शव तक पहुंचे। प्रधान आरक्षक बसंत उइके ने बताया कि जिस जगह शव था, वहां पानी करीब 20 फीट गहरा था। पानी में उतरने के बाद उनके पैर तलहटी तक नहीं टिक रहे थे। इसके बावजूद वे तैरकर शव तक पहुंचे और उसे रस्सी के सहारे बाहर निकाल लिया। उन्होंने बताया कि नदी में शव मिलने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे लोगों को पहले उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। शव पानी के ऊपर दिखाई दे रहा था, लेकिन काफी दूर होने के कारण लोग उसे पहचान नहीं पा रहे थे। 22 वर्षीय युवक की हुई पहचान बाद में शव की पहचान ढुटमूर निवासी 22 वर्षीय पप्पू उर्फ बसंत बेले के रूप में हुई। बसंत उइके के मुताबिक पप्पू की मानसिक स्थिति कमजोर थी और वह अक्सर अपने घर से मौसी के घर आता-जाता था। इसी रास्ते में नदी पड़ती थी। पुलिस को आशंका है कि नदी पार करते समय पप्पू हादसे का शिकार होकर गहरे पानी में चला गया। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने शव को आमला सिविल अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच जारी है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने प्रधान आरक्षक बसंत उइके के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है। उन्होंने आमला थाना प्रभारी को बसंत उइके को पुरस्कृत करने के लिए रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
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