top
20 साल बाद फिर जनता के बीच पहुंचे अमरमणि:महराजगंज में ‘जन संवाद’ कार्यक्रम में पूर्व भाजपा विधायक पर साधा निशाना, बोले- हमेशा जनता के बीच रहूंगा
महराजगंज की राजनीति में लंबे समय बाद एक बार फिर अमरमणि त्रिपाठी की सार्वजनिक मौजूदगी चर्चा का विषय बनी। पूर्व मंत्री ने जेल से रिहाई के बाद फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ‘जन संवाद’ कार्यक्रम में पहली बार सार्वजनिक रूप से लोगों के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। फरेंदा के कृष्णा मैरिज हॉल, वार्ड नंबर-9, नगर पंचायत आनंद नगर में आयोजित कार्यक्रम में उनके बेटे और नौतनवा के पूर्व विधायक अमन मणि त्रिपाठी भी मौजूद रहे। अमरमणि त्रिपाठी ने कार्यक्रम के दौरान जनता से सीधा संवाद किया और फरेंदा विधानसभा क्षेत्र से अपनी दावेदारी के संकेत दिए। अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि को मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में उम्रकैद की सजा हुई थी और 2023 में करीब 20 वर्ष की सजा पूरी करने के बाद उनकी रिहाई हुई थी। कार्यक्रम में क्षेत्र के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अमरमणि त्रिपाठी के लंबे अंतराल के बाद सार्वजनिक रूप से सामने आने को लेकर लोगों में उत्सुकता दिखाई दी। मंच पर पहुंचने के बाद उन्होंने लोगों से मुलाकात की और अपनी राजनीतिक सक्रियता को लेकर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से क्षेत्र की जनता के बीच रहा है और आगे भी लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार की तीन पीढ़ियां जनता की सेवा करती रही हैं और वह भी जनता के बीच अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। अमन मणि ने पूर्व भाजपा विधायक पर लगाए आरोप कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमन मणि त्रिपाठी ने एक पूर्व भाजपा विधायक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक ने ‘गिट्टी चोरी और ठेकेदारी’ के जरिए हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई। अमन मणि ने दावा किया कि इन्हीं कारणों से उनकी विधायकी भी चली गई। हालांकि, ये आरोप कार्यक्रम में अमन मणि त्रिपाठी की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। अमन मणि ने अपने समर्थकों से ऐसे लोगों पर लगाम लगाने और आगामी राजनीतिक लड़ाई में अपने परिवार का साथ देने की अपील की। अमन मणि त्रिपाठी ने जनता से अपने पिता अमरमणि त्रिपाठी को फरेंदा से विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ईमानदारी और जनहित की राजनीति की जरूरत है। उनके भाषण में आगामी चुनाव को लेकर तैयारियों और संगठन को मजबूत करने का संदेश साफ दिखाई दिया। अमरमणि त्रिपाठी ने भी अपने संबोधन में फरेंदा विधानसभा क्षेत्र को लेकर अपनी सक्रियता का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि वह आगे भी जनता के बीच रहेंगे और हर सुख-दुख में लोगों के साथ खड़े होंगे। उनके इस बयान के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में उनकी संभावित चुनावी भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। 20 साल बाद सक्रिय राजनीतिक मंच पर उपस्थिति अमरमणि त्रिपाठी का फरेंदा में यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जेल से रिहाई के बाद उनके सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। मार्च 2025 में भी फरेंदा में उनके सार्वजनिक मंच पर पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी, जहां उन्होंने जनता के बीच रहने और फरेंदा को अपने परिवार की राजनीतिक सीट के रूप में प्रस्तुत करने के संकेत दिए थे। अमरमणि त्रिपाठी ने अपने संबोधन में अपने परिवार के राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से जनता के बीच रहा है और लोगों के साथ उनका संबंध केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वह आगे भी जनता के बीच उपलब्ध रहेंगे और लोगों की समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान की दिशा में काम करेंगे। उनके संबोधन के दौरान समर्थकों में उत्साह दिखाई दिया। पूर्व मंत्री श्याम नारायण तिवारी भी रहे मौजूद कार्यक्रम में पूर्व विकलांग एवं राज्य मंत्री श्याम नारायण तिवारी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में जुटे। अमरमणि त्रिपाठी के मंच पर पहुंचने और संबोधन के दौरान समर्थकों में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम के आयोजकों ने इसे जनता से संवाद और क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा का अवसर बताया। वहीं राजनीतिक जानकारों के बीच इस कार्यक्रम को आगामी चुनावी गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह आगामी चुनाव में किस रूप में सक्रिय भूमिका निभाएंगे और किस राजनीतिक मंच से चुनावी मैदान में उतरेंगे। फिलहाल जन संवाद कार्यक्रम के जरिए उन्होंने जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए राजनीतिक सक्रियता का संदेश जरूर दिया है। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें- 'एसपी ऑफिस के पीछे कमरे में मेरे सारे कपड़े उतरवाए। एसपी देहात ने पैर खुलवाकर बीच में डंडा मारना शुरू किया। कुछ देर बाद SSP अविनाश पांडेय आए। कहा कि अब इसे थाने लेकर जाओ। वहां रातभर मेरी पिटाई होती रही।' पुलिस ने यह बर्बरता मेरठ के रवि गौतम के साथ की। वह दैनिक भास्कर से कहते हैं- ‘ललिता हत्याकांड के धरने में शामिल होना क्या मेरी गलती थी। 24 घंटे मुझे क्रिमिनल की तरह टॉर्चर किया गया।’ सिर्फ रवि गौतम ही नहीं, IPS अविनाश पांडेय पर 2 और लोग टॉर्चर करने के आरोप लगा रहे हैं। दिग्विजय भाटी और अनिल प्रधान। दिग्विजय भाटी का आरोप है- ‘जब मुझे पुलिस टॉर्चर कर रही थी, तब वीडियो कॉल पर अविनाश पांडेय को यह सब दिखाया जा रहा था। हमारी चीखें निकल रही थीं और वह हंस रहे थे। अनिल प्रधान की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।’ पढ़िए पूरी खबर...
Read full article on Bhaskar