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30 करोड़ का माल सीज; अब पेनाल्टी की बारी:कोल्ड स्टोरेज में पड़ा था छापा; व्यापारियों का जुर्माना तय करने में जुटा विभाग
पिपराइच क्षेत्र में स्थित पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता जितेंद्र जायसवाल उर्फ पप्पू भैया के कोल्डस्टोरेज में जीएसटी विभाग का छापा पड़ने के बाद लगभग 30 करोड़ रुपये का माल सीज किया गया है। विभाग के पास उन व्यापारियों की सूची है, जिनके माल यहां रखे गए थे। टैक्स चोरी की गणना की जा रही है और यह भी तय किया जा रहा है कि किसपर कितनी पेनाल्टी लगानी है। एक फर्म ने पेनाल्टी व टैक्स के रूप में लगभग 11 लाख रुपये रविवार को जमा कराए हैं। अभी और भी व्यापारियों को पेनाल्टी जमा करनी होगी। पेनाल्टी व टैक्स के रूप में विभाग को करोड़ों रुपये मिलने का अनुमान है। 5 अगस्त को इस कोल्ड स्टोरेज में छापा मारा गया था। यहां बड़े पैमाने पर मूंगफली, मिर्च एवं अन्य मसाले मिले थे। जांच के दौरान टैक्स में गड़बड़ी का माला प्रकाश में आया। जिसके बाद वहां माल रखने वाली लगभग 70 फर्मों को नोटिस जारी किया गया। 15 दिन में यानी 22 अगस्त तक जवाब देना था लेकिन बामुश्किल 2 से 3 फर्मों ने ही जवाब दाखिल किया है। एक फर्म ने तो लगभग 11 लाख रुपये का जुर्माना जमा करा दिया है। अब विभाग हय तय करने में जुटा है कि किस फर्म पर कितना जुर्माना लगाया जाएगा। जिनके पास कागज नहीं है, उन्हें अधिक पेनाल्टी व टैक्स देना होगा। जिन फर्मों के पास कागज होगा, उन्हें कुछ कम पेनाल्टी देनी होगी। यह भी देखा जा रहा है कि नोटिस का जवाब कितने लोगों ने नहीं दिया है। उसके बाद रिमाइंडर नोटिस भेजा जाएगा। अब जानिए क्या है पूरा मामला मूंगफली की खरीद-बिक्री में फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाकर जीएसटी चोरी की आशंका विभाग को है। गोरखपुर के विश्वनाथ कोल्डस्टोरेज पर छापा पड़ने के बाद यह खेल पकड़ में आया था। दरअसल शाहजहांपुर से बंगाल व बिहार के लिए बिलिंग होती थी लेकिन माल गोरखपुर में ही खाली कर लिया जाता था। इसमें अहमद राइस मिल और सोनाली ट्रेडिंग कंपनी अल्लाहगंज (शाहजहांपुर) से शुरू हुई जांच में राजीव स्पाइसेज, स्नेहलता कारपोरेशन, सिद्धथ् विनायक ट्रेडर्स, वीर ट्रेडर्स, नादिया (पश्चिम बंगाल) स्थित सिद्धि विनायक ट्रेडर्स से लेनदेन का मामला भी सामने आया है। विभाग इसकी जांच कर रही है। बरेली की एसआईबी टीम ने बुधवार को अल्हागंज की सोनाली ट्रेडिग कंपनी और अहमद राइस मिल पर छापा कारकर मूंगफली की 10 करोड़ रुपये से अधिक की बिलिंग पकड़ी। लगभग 50 लाख रुपये की कर चोरी भी पकड़ी गई। जांच में पता चला कि दोनों फर्मों से गोरखपुर की सिद्धि विनायक ट्रेडर्स को करोड़ों की मूंगफली की बिक्री दिखाई गई थी। इसी बीच गोरखपुर के सचल दल को शाहजहांपुर के यादव ट्रांसपोर्ट का एक ट्रक मिला। उसे रोका गया तो उसके पास बिहार जाने का ई वे बिल मिला। लेकिन वाहन खाली था। वह बिहार गया ही नहीं। पूछताछ में पता चला कि यह माल गोरखपुर के विश्वनाथ कोल्ड स्टोरेज में उतारा गया है। जब वाहनों की टोल रिपोर्ट की जांच हुई तो कई वाहन ऐसे मिले जो गोरखपुर से आगे गए ही नहीं थे। ऐसे में माल की ढुलाई की बजाय केवल बिलों के लेनदेन के चलते मामला और संदिग्ध हो गया। इसी जांच में सिद्धि विनायक ट्रेडर्स नादिया (पश्चिम बंगाल) का नाम भी सामने आया है। गोरखपुर से नादिया और फिर नादिया से शाहजहांपुर के बीच माल की खरीद-बिक्री दिखाई गई थी। मूंगफली में ज्यादा खेल कोल्ड स्टोरेज पर छापे के दौरान वहां मिले खाली ट्रक से पोल खुल गई। ट्रक संचालक के पास बिहार का ई वे बिल था। विभगा ने जब चेक किया तो ट्रक कभी बिहार गया ही नहीं था। शाहजहांपुर से उसपर मूंगफली आयी थी, इसलिए बरेली के ज्वाइंट कमिश्नर को इसकी जानकारी दी गई। बरेली और गोरखपुर जोन की संयुक्त कार्रवाई में यह निकलकर आया कि कई फर्मों को शाहजहांपुर से माल भेजा गया है। बाद में उन फर्मों को भी नोटिस जारी किया गया। भाजपा महानगर उपाध्यक्ष की फर्म भी दायरे में मूंगफली में टैक्स चोरी का शक भाजपा महानगर उपाध्यक्ष मनीष जैन की फर्म सिद्धि विनायक ट्रेडर्स पर भी है। इस फर्म को भी नोटिस जारी किया गया है। भाजपा नेता की फर्म होने के कारण राजनीतिक हलकों में भी काफी चर्चा है। इस मामले में नाम आने के बाद पार्टी के अंदर भी चर्चा शुरू हो गई है। जानिए क्या कहते हैं अधिकारी सहयुक्त आयुक्त एसआईबी यूएन सिंह बताते हैं कि जो माल सीज किया गया है, उसका मिलान किया जा रहा है। जिन फर्मों का माल है, उनको नोटिस जारी किया गया है। एक फर्म की ओर से रविवार को लगभग 11 लाख रुपये पेनाल्टी के रूप में जमा कराए गए हैं। जिनके मामले में टैक्स चोरी मिलेगी, उन्हें जुर्माना जमा करने के लिए नोटिस दिया जाएगा।
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