Canada's #1 Community Marketplace
Home Blog News Announcements Pricing Register Free
politics

69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में SC में बहस जारी:चयनित पक्ष की दलीलों पर कोर्ट ने कहा- नियम-कानून के खिलाफ फैसला नहीं होगा

📰 Bhaskar 🕐 1 min read 📅 September 16, 2026 👁 1 views
69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में SC में बहस जारी:चयनित पक्ष की दलीलों पर कोर्ट ने कहा- नियम-कानून के खिलाफ फैसला नहीं होगा
उत्तर प्रदेश की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। जस्टिस एसवीएन भाटी और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ में यह मामला सुबह 11:45 बजे सूचीबद्ध हुआ। सुनवाई के दौरान चयनित अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने पक्ष रखा। करीब एक घंटे की सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की। सुनवाई के दौरान आरक्षित वर्ग के अधिवक्ताओं ने भी अपनी बात रखने की अनुमति मांगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पक्षों को सुना जाएगा और किसी पक्ष को सुने बिना आदेश नहीं दिया जाएगा। पहले राकेश मिश्रा की सबमिशन पर वही बताएं सुनवाई की शुरुआत में अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने 69 हजार शिक्षक भर्ती की पूरी प्रक्रिया का घटनाक्रम कोर्ट के सामने रखना शुरू किया। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया कब शुरू हुई, कितने अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और कितने सफल हुए। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह चयनित शिक्षकों की ओर से बहस कर रही हैं और अधिवक्ता राकेश मिश्रा की ओर से दाखिल सबमिशन पर अपना पक्ष रखेंगी। इस पर कोर्ट ने कहा कि जब सबमिशन राकेश मिश्रा ने तैयार किया है तो पहले वह खुद उसका पक्ष रखें। इसके बाद शोभा गुप्ता को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। शोभा गुप्ता ने कहा कि उन्हें ही सबमिशन पर बहस करनी है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि वह अपनी दलील रख सकती हैं। आयु, फीस और अंकों में छूट पर कोर्ट ने पूछा सवाल शोभा गुप्ता ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भर्ती में दी गई छूट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्ग को आयु, फीस और अंकों में छूट दी गई है। उनके मुताबिक यह रिलैक्सेशन नहीं, बल्कि आरक्षण की श्रेणी में आता है। इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि जब राज्य सरकार यह छूट दे रही है और संविधान आरक्षित वर्ग को यह अधिकार देता है तो इसे कैसे रोका जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिलैक्सेशन को आरक्षण नहीं माना जा सकता। TET में आरक्षण को ‘दोहरा आरक्षण’ बताने पर कोर्ट का सवाल इसके बाद अधिवक्ता ने TET और ATRE का मुद्दा उठाया। उन्होंने दलील दी कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी TET में भी आरक्षण का लाभ ले चुके हैं और सहायक अध्यापक लिखित परीक्षा में भी आरक्षण ले रहे हैं। इसलिए इसे दोहरे आरक्षण के रूप में देखा जाना चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि जब TET पात्रता परीक्षा है तो इसमें दोहरा आरक्षण कैसे हो गया? इस सवाल पर चयनित पक्ष की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका। ‘आदेश लागू हुआ तो 10 हजार शिक्षक बाहर हो जाएंगे’ सुनवाई के दौरान चयनित अभ्यर्थियों की ओर से कोर्ट से राहत की मांग करते हुए कहा गया कि यदि 13 अगस्त 2024 के लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच के आदेश को लागू किया जाता है तो पिछले करीब छह साल से नौकरी कर रहे लगभग 10 हजार चयनित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। दलील दी गई कि भर्ती में आरक्षित वर्ग के काफी अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, जबकि अनारक्षित वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों की संख्या कम है। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक प्रक्रिया आगे बढ़ने पर केवल करीब 817 अनारक्षित अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति मिल पाएगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह नियम और कानून के विपरीत जाकर कोई फैसला नहीं देगा। कोर्ट ने कहा कि जो सही होगा, उसी के अनुसार आदेश दिया जाएगा। ‘जो चयनित होने का अधिकार रखता है, उसे प्रक्रिया का हिस्सा होना चाहिए’ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कोई ऐसा तर्क नहीं है जिसके आधार पर कानून से अलग जाकर फैसला दिया जा सके। कोर्ट ने 1981 की बेसिक शिक्षा नियमावली और 1994 की आरक्षण नियमावली का संदर्भ देते हुए कहा कि नियमों के अनुसार जो अभ्यर्थी चयनित है या चयनित होने का अधिकार रखता है, उसे शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा होना चाहिए। सिंगल बेंच के आदेश पर कोर्ट ने टोका चयनित पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने यह भी कहा कि सिंगल बेंच ने आदेश दिया था कि आरक्षित श्रेणी के ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने 65% से कम अंक हासिल किए हैं, उन्हें माइग्रेट नहीं किया जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके सामने लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच का आदेश चुनौती में है, सिंगल बेंच का आदेश नहीं। इसलिए दलीलें भी डबल बेंच के 13 अगस्त 2024 के आदेश के संदर्भ में ही रखी जाएं। इसके बाद करीब 1 बजे चयनित पक्ष की ओर से बहस समाप्त हो गई। अब आरक्षण पीड़ित याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रखेंगे पक्ष कोर्ट अब मामले में सभी पक्षों को बारी-बारी से सुन रही है। चयनित अभ्यर्थियों की ओर से दलील पूरी होने के बाद अब आरक्षण से प्रभावित याची अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अपना पक्ष रखेंगे। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
Read full article on Bhaskar

Related News

🤖
GoBazaar Assistant
Search listings, jobs, events & more
👋 Hi! I can help you find anything on GoBazaar.
Try asking me something like:
"Room for rent under $800 in Calgary"
Select Location
All Canada
Alberta
British Columbia
Manitoba
New Brunswick
Nova Scotia
Ontario
Quebec
Saskatchewan