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आजमगढ़ में 1 साल में एकत्रित किए गए 703 नमूने:मानक के विपरीत पाए गए 62 प्रतिशत नमूने, 61 लाख रुपए से अधिक का वसूला गया जुर्माना
आजमगढ़ जिले में चल रहे खाद्य सुरक्षा औषधि अभियान के तहत 1 वर्ष में 703 नमूने लिए गए। जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। इन नमूनों में से 62 प्रतिशत नमूने मानक के विपरीत पाए गए। जिले के एडीएम प्रशासन संजय चावला की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम, प्रवर्तन कार्यवाही, खाद्य प्रतिष्ठानों की हाईजीन रेटिंग तथा आगामी त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अभिहित अधिकारी सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिलावट करने वाले 338 खाद्य कारोबारकर्ताओं पर कुल 61.46 लाख रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित कराया गया। इसके अतिरिक्त न्यायालय में प्रभावी पैरवी करते हुए 3 खाद्य कारोबारकर्ताओं को कारावास एवं कुल 11 हजार रुपये के दण्ड से दण्डित कराया गया। 2026 में लिए गए 177 नमूने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 177 नमूने संग्रहित किए गए। जिनमें जांचे गए नमूनों में 39 प्रतिशत नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इस अवधि में मिलावट करने वाले 39 खाद्य कारोबारकर्ताओं पर 4.56 लाख रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित कराया गया। समिति के सदस्यों ने विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही पर संतोष व्यक्त किया। 89 खाद्य प्रतिष्ठानों को मिली 3 से 5 स्टार हाईजीन रेटिंग अभिहित अधिकारी ने बताया कि खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की महत्वाकांक्षी ‘ईट राइट इंडिया इनिशिएटिव’ के अन्तर्गत जनपद में अब तक 89 खाद्य प्रतिष्ठानों को 3 से 5 स्टार हाईजीन रेटिंग प्राप्त कराई गई है। इनका ऑडिट बाहरी ऑडिट एजेंसियों द्वारा किया गया। त्योहारों के दृष्टिगत दूध और दुग्ध पदार्थों की जांच में तेजी के निर्देश अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने आगामी त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और नमूना संग्रहण की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाहरी जनपदों से आजमगढ़ में आने वाले दूध, दुग्ध पदार्थों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की विशेष रूप से जांच करते हुए प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से दूध में मिलावट की रोकथाम के लिए अभियान चलाने तथा न्यायालयों में लंबित वादों में प्रभावी पैरवी करते हुए उनके शीघ्र निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ठेले-खोमचे पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी अपर जिलाधिकारी ने ठेले-खोमचे एवं रेहड़ी-पटरी पर खाद्य पदार्थों का विक्रय करने वाले कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने तथा वर्षा ऋतु के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों के सुरक्षित रख-रखाव एवं निर्माण में आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को प्रत्येक माह अपने आवंटित क्षेत्र में पंजीकरण कैम्प आयोजित करने, रेहड़ी-पटरी से जुड़े खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा सुशील कुमार मिश्र, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार तिवारी तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी रजनीश कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
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