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ADG वी.के. सिंह ने साइबर अपराधों पर दिखाई सख्ती:रोकथाम के दिए निर्देश, म्यूल खातों पर होगी कार्रवाई
राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) वी.के. सिंह ने बूंदी के एक दिवसीय दौरे के दौरान साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने साइबर हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित थानों की समीक्षा करते हुए शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्य जुटाने और अपराधियों की पहचान कर प्रभावी कानूनी कार्रवाई पर जोर दिया। सिंह ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले ‘म्यूल बैंक खातों’ की पहचान कर खाताधारकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ स्वागत बूंदी पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने एडीजी वी.के. सिंह को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। साइबर हॉटस्पॉट थानों की गहन समीक्षा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में एडीजी वी.के. सिंह की अध्यक्षता में विशेष बैठक हुई। इसमें जिले के साइबर हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित थानों के थानाधिकारी और साइबर एक्सपर्ट टीम शामिल हुई। बैठक में जिले में सामने आ रहे साइबर अपराधों, हॉटस्पॉट क्षेत्रों और उनकी रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की गहन समीक्षा की गई। एडीजी ने साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों के संकलन और अपराधियों की पहचान कर प्रभावी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीकी और साइबर विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग कर आरोपियों तक पहुंचने तथा शिकायतों पर संवेदनशीलता से काम करने पर भी जोर दिया। ‘म्यूल बैंक खातों’ पर कसेगा शिकंजा सिंह ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले ‘म्यूल बैंक खातों’ की पहचान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे खाताधारकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने पर जोर दिया, जिनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा है। फर्जी कॉल से डिजिटल अरेस्ट तक, जागरूकता पर जोर एडीजी ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम में जन-जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। उन्होंने फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी, बैंकिंग फ्रॉड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर ठगी के तरीकों से लोगों को बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके लिए सोशल मीडिया, स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायत और बाजारों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया, ताकि लोग साइबर ठगी के नए तरीकों को पहचान सकें और समय रहते सावधान हो सकें। पुलिस अधिकारी और साइबर टीम रही मौजूद बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चम्पावत, जसवीर मीणा, अदिति चौधरी, वृताधिकारी अनिल जोशी सहित जिले के सभी थानाधिकारी और साइबर टीम के सदस्य मौजूद रहे।
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