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अजमेर में वार्ड-23 के 1 हजार वोटर वार्ड-24 में किए:मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप; कलेक्टर को याचिका देकर सुधार की मांग
अजमेर में नगर निगम चुनाव से पहले मतदाता सूची के रिवीजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड 23 के करीब 1000 मतदाताओं के नाम वार्ड 24 में दर्ज किए जाने का आरोप लगाया गया है। इनमें वार्ड 23 के पूर्व निर्दलीय पार्षद नरेश सारवान और उनके परिवार के नाम भी शामिल हैं। मामले को लेकर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी लोकबंधु को याचिका देकर सूची में तत्काल सुधार की मांग की है। परिसीमन नक्शे में वार्ड 23, वोटर लिस्ट में वार्ड 24 याचिका में आरोप है कि नई शिव कॉलोनी, तारकश की बगीची, पहाड़गंज, यूआईटी कॉलोनी, हरिजन बस्ती और पृथ्वीराज नगर का क्षेत्र परिसीमन नक्शे में वार्ड 23 में शामिल है। इसके बावजूद इन क्षेत्रों के सैकड़ों मतदाताओं के नाम वार्ड 24 के भाग संख्या-2 में प्रकाशित कर दिए गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इससे बड़ी संख्या में मतदाता अपने वास्तविक वार्ड में मतदान के अधिकार से प्रभावित हो सकते हैं। निवर्तमान पार्षद का नाम वार्ड बदला, पिता का नाम भी गलत पूर्व पार्षद नरेश सारवान ने बताया- मैं और मेरा परिवार वर्षों से वार्ड 23 में रह रहे हैं। इसके बावजूद मेरा नाम भी वार्ड 24 की मतदाता सूची में दर्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं मेरे पिता का नाम ‘विशन लाल’ के बजाय ‘किशन लाल’ दर्ज कर दिया गया। बीएलओ पर दबाव में काम करने का आरोप याचिका में आरोप लगाया गया कि स्थानीय स्तर पर दबाव बनाकर बीएलओ के माध्यम से परिसीमन के नियमों को दरकिनार किया गया। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की जांच कराने, जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई करने और गलत तरीके से ट्रांसफर किए गए मतदाताओं के नाम वापस वार्ड 23 में जोड़ने की मांग की है। जयपाल बोले- करीब एक हजार मतदाताओं को गलत वार्ड में डाल दिया पूर्व पार्षद नरेश सारवान ने कहा- मेरे परिवार सहित वार्ड 23 के करीब 700-800 मतदाताओं के नाम वार्ड 24 में जोड़ दिए गए हैं। तीन प्रमुख कॉलोनियों के नाम दूसरे वार्ड में डालने से लोगों में रोष है। उन्होंने मतदाता सूची में तुरंत सुधार कर सभी नाम वापस वार्ड 23 में जोड़ने की मांग की।
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