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अरुणाचल में लापता हाजीपुर के अग्निवीर आदित्य का मिला शव:सेना की निगरानी में अंतिम संस्कार; अस्थि कलश लेकर लौट रहा परिवार; शनिवार को 'तिरंगा यात्रा'
अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में अगस्त में बादल फटने और भू-स्खलन की चपेट में आकर लापता हुए हाजीपुर के अग्निवीर जवान आदित्य कुमार का शव करीब तीन दिन पहले बरामद हुआ। शव उसी स्थान के मलबे से मिला, जहां हादसे के बाद से उनकी तलाश की जा रही थी। जवान का शव मिलने की खबर के बाद हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र स्थित सैदपुर रजौली गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। देखें, मौके से आईं PHOTOS… शव गांव लाना संभव नहीं हुआ, अरुणाचल में हुआ अंतिम संस्कार परिवार के मुताबिक, शव की स्थिति ऐसी थी कि उसे गांव लाना संभव नहीं था। इसके बाद आदित्य के छोटे भाई अनीश कुमार और उनके फुफेरे भाई अरुणाचल प्रदेश पहुंचे। सेना की देखरेख में वहीं पूरे विधि-विधान के साथ आदित्य का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के बाद सेना के जवान और परिवार के सदस्य अस्थि कलश लेकर गांव के लिए रवाना हो चुके हैं। शुक्रवार देर रात तक उनके दानापुर पहुंचने की उम्मीद है। शनिवार को तिरंगे के साथ निकलेगी अंतिम यात्रा परिवार के सदस्यों ने बताया कि शनिवार सुबह सैदपुर रजौली स्थित आदित्य के पैतृक घर से तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इससे पहले सेना के अधिकारी, रिटायर्ड सैनिक संघ के सदस्य और ग्रामीण घर पर जवान को श्रद्धांजलि और सलामी देंगे। इसके बाद अस्थि कलश को तिरंगा यात्रा के साथ कोनहारा घाट ले जाया जाएगा, जहां अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा। अप्रैल 2025 में अग्निवीर बने थे आदित्य सैदपुर रजौली निवासी आशुतोष कुमार के बड़े बेटे आदित्य कुमार अप्रैल 2025 में सेना की अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली स्थित पासुपानी आर्मी कैंप में थी। आदित्य के छोटे भाई अनीश कुमार भी अग्निवीर हैं और फिलहाल सिक्किम में तैनात हैं। भाई के लापता होने की सूचना मिलने के बाद अनीश छुट्टी लेकर घर आए थे। 15 अगस्त को मिली थी सात जवानों के लापता होने की सूचना आदित्य के दादा चंद्रकांत प्रसाद यादव ने बताया कि 15 अगस्त की सुबह सेना के सूबेदार मेजर ने फोन कर हादसे की जानकारी दी थी। अचानक बादल फटने के बाद सात जवान लापता हो गए थे। बचाव अभियान के दौरान दो जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि पांच जवानों का पता नहीं चल पाया था। इनमें आदित्य कुमार भी शामिल थे। एक महीने से अधिक समय तक लौटने की उम्मीद में था परिवार आदित्य के लापता होने के बाद परिवार को लंबे समय तक उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद थी। करीब तीन दिन पहले सेना की ओर से परिजनों को सूचना दी गई कि बादल फटने और भू-स्खलन के दौरान जिस जगह आदित्य लापता हुए थे। उसी स्थान के मलबे से उनका शव बरामद किया गया है। शव को गांव लाना संभव नहीं होने के कारण परिजन अरुणाचल प्रदेश पहुंचे और सेना की निगरानी में वहीं अंतिम संस्कार कराया। अब अस्थि कलश के साथ परिवार गांव लौट रहा है। शनिवार को तिरंगे के साथ जवान की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
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