politics
अवैध धर्मांतरण और दुराचार के दोषी को 10 साल कैद:सर्विलांस से बिहार में मिली थी पीड़िता, Hey एप के जरिए की थी दोस्ती
आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने, धर्म परिवर्तन कराने और दुराचार के मामले में अदालत ने बिहार निवासी नसीब आलम को दोषी ठहराया है। एडीजे-10 प्रदीप कुमार की अदालत ने उसे 10 साल की कैद और 55 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं पीड़िता का निकाह कराने के मामले में आरोपी मौलवी मोहम्मद आमीन को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया। हेय ऐप के जरिए हुई थी दोस्ती मामले के अनुसार पीड़िता हेय ऐप का इस्तेमाल करती थी। इसी दौरान उसकी नसीब आलम से दोस्ती हुई। पीड़िता के अनुसार 13 मई 2023 को आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद उसे बिहार ले जाया गया। पीड़िता ने धर्म परिवर्तन और जबरन निकाह का लगाया आरोप पीड़िता ने अदालत में दिए बयान में आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे पानी पिलाया, जिसके बाद वह अर्ध-बेहोशी की हालत में हो गई। इसके बाद उसका धर्म परिवर्तन कराकर नसीबा नाम से निकाह किया गया और उसके साथ जबरन दुराचार किया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसे नशीली गोलियां और बीयर लेने के लिए मजबूर करता था। सर्विलांस से बिहार में मिली थी पीड़िता मामले की जांच के दौरान पुलिस को पीड़िता के बिहार में होने की जानकारी मिली। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उसे बिहार से आरोपी के कब्जे से बरामद किया। जांच में पहले नामजद किए गए अन्य आरोपियों की भूमिका सामने नहीं आने पर उनके नाम मुकदमे से हटा दिए गए। 7 गवाहों के बयान हुए दर्ज पुलिस ने नसीब आलम के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाकर दुराचार और अवैध धर्मांतरण के आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया था। पीड़िता का निकाह कराने के आरोप में मौलवी मोहम्मद आमीन के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले में पीड़िता समेत 7 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज हुए। इन्हीं साक्ष्यों और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नत्थू सिंह धाकरे की दलीलों के आधार पर अदालत ने नसीब आलम को दोषी माना। मौलवी को साक्ष्य के अभाव में किया बरी अदालत ने पीड़िता का निकाह कराने के आरोपी मौलवी मोहम्मद आमीन को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी करने का आदेश दिया।
Read full article on Bhaskar