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अयोध्या में दिनभर दिखा रक्षाबंधन का उत्साह:मिठाई और गिफ्ट मार्केट में रही चहल-पहल, जनप्रतिनिधियों ने भी मनाया पर्व
अयोध्या में शुक्रवार को रक्षाबंधन पर भाई-बहन के प्रेम का रंग दिखाई दिया। सुबह से घरों से लेकर बाजारों तक त्योहार की रौनक रही। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर स्नेह जताया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पूरे जिले में उत्साह का माहौल रहा। इस बार भद्रा की बाधा नहीं होने से बहनों को दिनभर राखी बांधने का मौका मिला। त्योहार को लेकर एक दिन पहले से ही बाजारों में भीड़ जुटने लगी थी। राखी, मिठाई और उपहार की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ शाम तक बनी रहने की उम्मीद है। पहले 3 तस्वीरें देखिए... मिल्कीपुर विधायक को बहनों ने बांधी राखी मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान ने अपने पैतृक आवास परसौली में बहनों के साथ रक्षाबंधन मनाया। बहनों ने उन्हें राखी बांधी, तिलक लगाया और मिठाई खिलाई। विधायक ने बहनों को उपहार दिया और उनका आशीर्वाद लिया। रुदौली विधायक ने बहन और छात्राओं से बंधवाया रक्षा सूत्र रुदौली विधायक रामचंद्र यादव अपने पैतृक गांव अमानीगंज विकासखंड के घटौली पहुंचे। यहां उनकी बड़ी बहन ने उन्हें राखी बांधी और रोली-चंदन का तिलक लगाया। विधायक ने बहन का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने अटल आवासीय विद्यालय में परिवार से दूर रहकर पढ़ाई कर रही बच्चियों से भी रक्षासूत्र बंधवाया। उनके साथ रक्षाबंधन मनाकर बच्चियों का उत्साह बढ़ाया। पौराणिक मान्यता से जुड़ा है पर्व कथावाचक पंडित बद्री विशाल के अनुसार, पौराणिक मान्यता में रक्षाबंधन का संबंध माता लक्ष्मी और असुरराज बलि से बताया जाता है। मान्यता है कि माता लक्ष्मी ने बलि को राखी बांधकर भगवान विष्णु को वैकुंठ वापस लाने का वचन लिया था। तभी से श्रावण पूर्णिमा पर रक्षाबंधन मनाने की परंपरा मानी जाती है। बाजारों में सजी मिठाई-राखी की दुकानें रुदौली, मवई, सैदपुर, बाबा बाजार, अमानीगंज, खंडासा, कुमारगंज, मिल्कीपुर, अमरगंज, इनायतनगर, कुचेरा बाजार, बीकापुर, तारुन और गोसाईगंज समेत जिले के प्रमुख बाजारों में राखी और मिठाई की दुकानें सजी रहीं। इस बार मिठाई की दुकानों की संख्या भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक नजर आई। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कुछ ऐसे लोग भी बड़ी मात्रा में मिठाई बेच रहे हैं, जो सामान्य दिनों में मिठाई का कारोबार नहीं करते। इससे मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर भी लोगों में चिंता और चर्चा बनी हुई है।
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