politics
बच्चों की मौत पर कांग्रेस ने सीएम से पूछे सवाल:सरकार पर जिम्मेदारो को बचाने, आंकड़े छिपाने का आरोप
बालाघाट जिले के बैहर और परसवाड़ा क्षेत्र में आदिवासी बच्चों की बीमारी से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों को दी गई आर्थिक मदद और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई न होने को लेकर सरकार को घेरा है। रविवार शाम 5 बजे विधायक और जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संजय उईके ने एक प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री के उस बयान को गलत बताया, जिसमें उन्होंने खुद को कोर एरिया में आने वाला पहला मुख्यमंत्री बताया था। उईके ने कहा कि इससे पहले कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह न केवल आए थे, बल्कि पूरा एक दिन रुके भी थे। अध्यक्ष उईके ने सरकार से सवाल किया कि जब 'जनमन' योजना के तहत छह मोबाइल यूनिट दी गई थीं, तो केवल चार ही क्यों नजर आ रही हैं और बाकी दो यूनिट कहां हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि जब अशासकीय और सामाजिक संगठन क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, तो उन्हें आदिवासी अंचल में फैली बीमारी के बारे में जानकारी क्यों नहीं मिली? कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि 26 आदिवासी बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सरकार बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बच्चों की मौत के बाद दौरा किया और केवल दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा कर चले गए। उईके ने सवाल उठाया कि जब सरकार का आधिकारिक आंकड़ा 8 या 10 मौतें बता रहा है, तो अन्य परिवारों को सहायता राशि कैसे दी जा रही है? यह स्पष्ट है कि सरकार और प्रशासन मृतक बच्चों के आंकड़े छिपा रहे हैं। सरकारी विभागों की लापरवाही उईके ने बताया कि स्वास्थ्य, मलेरिया, पीएचई और महिला एवं बाल विकास विभाग, जिनकी इन क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं देने की जिम्मेदारी थी, उनकी लापरवाही के कारण बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने पूछा कि सरकार इन विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने से पीछे क्यों हट रही है? कांग्रेस ने सरकार से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है और संदेह जताया है कि कहीं किसी ने इन विभागों के जवाबदारों को बचाने का ठेका तो नहीं ले लिया है, या फिर उनकी पहुंच मुख्यमंत्री से भी ऊपर है। राशि देने की मांग कांग्रेस ने आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री की घोषणानुसार राशि सवा दो सौ करोड़ की राशि पर सवाल खड़े किए है। कांग्रेस अध्यक्ष उईके ने बताया कि जिले में 150 आदिवासी ग्राम है, लेकिन दी गई राशि केवल 100 ग्रामो के ।लिए दिए जाने की बात कही जा रही है। तो 50 गांवो को आखिर क्यों छोड़ दिया गया? उन्होंने पूछा कि यह जनता को बताया जाए कि इस राशि में किस-किस कार्य को कराया जाना है? कांग्रेस ने सीएम से पूछा कि बताए मृतकों के परिवार के लोगों को इतनी कम राशि क्यों दी गई और जवाबदारों पर कार्रवाई कब तक होगी।
Read full article on Bhaskar