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बच्ची से दुष्कर्म में दोषी को 20 साल की सजा:अलीगढ़ में 5 महीने 22 दिन में फैसला, 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
अलीगढ़ में 11 साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी सत्यवीर को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उसे 5 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। खास बात यह है कि अदालत ने मुकदमे का ट्रायल 5 महीने 22 दिन में पूरा कर फैसला सुना दिया। अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट नंबर-2 के न्यायाधीश हरेन्द्र कुमार ओझा ने 28 अक्टूबर को यह फैसला सुनाया। घर में छोटी बहनों के साथ सो रही थी बच्ची अभियोजन के मुताबिक, घटना 3 दिसंबर 2025 की शाम करीब 7 बजे बरला थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोपी सत्यवीर करीब दो महीने से बच्ची के परिवार के घर पर रह रहा था। आरोप है कि घटना के दिन बच्ची अपनी छोटी बहनों के साथ सो रही थी, तभी सत्यवीर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची ने घटना की जानकारी अपनी ताई को दी। इसके बाद 4 दिसंबर 2025 को बरला थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पीड़िता की गवाही और फॉरेंसिक रिपोर्ट अहम मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। इनमें पीड़िता, उसकी ताई, डॉक्टर, स्कूल की प्रधानाचार्या, एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिसकर्मी और विवेचक शामिल थे। स्कूल के रिकॉर्ड से घटना के समय बच्ची की उम्र 12 साल से कम साबित हुई। वहीं, विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट में आरोपी के अंडरवियर पर मानव वीर्य/शुक्राणु मिलने की पुष्टि हुई। अदालत ने पीड़िता की गवाही को विश्वसनीय माना। आरोपी की ओर से पेश बचाव के दावों को पर्याप्त साक्ष्यों से साबित नहीं किया जा सका। मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी करार दिया। जुर्माने की पूरी रकम पीड़िता को मिलेगी अदालत ने सत्यवीर को 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। निर्देश दिया कि जुर्माने के रूप में वसूली गई पूरी रकम पीड़िता को प्रतिकर के तौर पर दी जाए। आरोपी पहले से जेल में जितनी अवधि बिता चुका है, उसका समायोजन नियमानुसार किया जाएगा। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी संजय शर्मा और लव बंसल ने मामले की जानकारी दी।
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