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भिंड नगर पालिका पर सफाई कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन:बोले- तनख्वाह में हर माह 3-4 हजार की कटौती से परिवार चलाना मुश्किल
नगर पालिका भिंड में सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने वेतन में हो रही कटौती के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारी नगर पालिका परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन का नेतृत्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता सुनील बाल्मीकि ने किया। करीब 3 से 4 घंटे चले प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने वेतन से की जा रही कटौती बंद करने, वेतन बढ़ाने और सफाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील बाल्मीकि ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों के वेतन में पिछले 3-4 महीने से लगातार कटौती की जा रही है। कर्मचारियों को करीब 12 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता है, जिसमें से हर महीने 3 से 4 हजार रुपए तक काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतनी कम राशि मिलने से कर्मचारियों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों ने भी वेतन कटौती तत्काल रोकने की मांग की। बोले- सफाई कर्मचारी समाज के लिए योद्धा की तरह सुनील बाल्मीकि ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर को स्वच्छ रखने के लिए सुबह से काम में जुट जाते हैं। वे समाज की गंदगी साफ करने का महत्वपूर्ण काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके हितों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद उनके भविष्य को लेकर भी पर्याप्त सुरक्षा नहीं है। कर्मचारियों के हित में जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सफाई कार्य के लिए पर्याप्त संसाधन और उपकरण उपलब्ध नहीं होने की बात भी कही। उनका कहना है कि जरूरी संसाधनों की कमी के कारण शहर में सफाई अभियान चलाने में परेशानी होती है। कर्मचारियों ने नगर पालिका से सफाई कार्य के लिए आवश्यक उपकरण और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। दबाव बनाकर पैसे लेने की शिकायत की जांच की मांग कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वेतन देने और अन्य कामों के दौरान कुछ कर्मचारियों पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कराने, संबंधित कर्मचारियों को चिन्हित करने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की। वेतन बढ़ाने और कटौती रोकने की मांग सफाई कर्मचारियों ने मांग की कि उनके वेतन से की जा रही कटौती तत्काल बंद की जाए और वेतन में बढ़ोतरी की जाए। उनका कहना है कि सम्मानजनक वेतन मिलने से वे अपने परिवार का बेहतर तरीके से भरण-पोषण कर सकेंगे। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी सभी समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग रखी।
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