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भूपेश बोले- सरकार के पास पैसे नहीं,सारे काम रुके हैं:पूर्व CM का भाजपा सरकार पर हमला- साफ निर्देश नहीं, स्वार्थ के लिए अधिकारियों से काम लिया जा रहा
भूपेश बघेल ने सरकार की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार के पास पैसा नहीं है तो विकास और जनकल्याण के काम कैसे होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली में स्पष्टता नहीं दिखाई दे रही है और इसका असर अधिकारियों के कामकाज पर भी पड़ रहा है। कांग्रेस ने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया बघेल के बयान के बीच कांग्रेस ने नीति आयोग की ‘वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक रिपोर्ट’ का हवाला देते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि छत्तीसगढ़ इस रिपोर्ट में 18 राज्यों में 17वें स्थान पर है। कांग्रेस के मुताबिक, राज्य का वित्तीय अनुशासन स्कोर एक साल में 56 से गिरकर 7.4 हो गया है। वहीं राजकोषीय घाटा तय लक्ष्य 2.99% के मुकाबले 5.32% तक पहुंचने का दावा किया गया है। कर्ज और ब्याज को लेकर भी सवाल कांग्रेस के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार पर कुल कर्ज करीब 1.79 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा करीब 18,900 करोड़ रुपए था, जो चालू वित्त वर्ष में 20,400 करोड़ रुपए से ज्यादा होने का अनुमान जताया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की आय बढ़ने के बावजूद कर्ज और ब्याज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। पार्टी ने सरकार से नीति आयोग की रिपोर्ट पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। ‘कर संग्रह बढ़ा, फिर भी वित्तीय स्थिति कमजोर’ कांग्रेस का दावा है कि पिछले ढाई साल में राज्य के कर संग्रहण और प्राप्तियों में करीब 60% की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद वित्तीय स्थिति मजबूत नहीं हुई। आरोप लगाया गया कि बजट में योजनाओं के लिए किए गए प्रावधानों का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ रहा है।
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