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भारत ने जेनेवा में किसानों के अधिकारों की रक्षा पर चर्चा की
भारत ने जेनेवा में यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल के 63वें सत्र में किसानों के अधिकारों की सुरक्षा और पारंपरिक कृषि ज्ञान को संरक्षित करने के अपने अनुभव साझा किए। RSKS इंडिया के प्रतिनिधि ने किसानों की भूमिका को उजागर करते हुए कहा कि वे केवल अनाज के उत्पादक नहीं हैं, बल्कि जैव विविधता और संस्कृति के संरक्षक भी हैं। इस सत्र में भारत के 'प्लांट वैरायटी और किसानों के अधिकारों की सुरक्षा' के ढांचे का उल्लेख किया गया, जिसमें हजारों किसानों की किस्मों को रजिस्टर किया गया है। जानें इस महत्वपूर्ण चर्चा के बारे में और कैसे यह किसानों के विकास में योगदान कर रहा है।
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