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भतीजी से दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा:बेतिया में पीड़िता के बड़े पापा को 20 साल कारावास, 52 हजार जुर्माना
बेतिया व्यवहार न्यायालय में किशोरी से दुष्कर्म के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए रेप एंड पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने आरोपी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजायाफ्ता की पहचान मझौलिया थाना क्षेत्र के लालसरैया निवासी सिपाही सहनी के रूप में हुई है, जो रिश्ते में किशोरी का बड़ा चाचा बताया गया है। पॉक्सो एक्ट के अनन्य विशेष लोक अभियोजक जयशंकर कुमार तिवारी ने बताया कि जुर्माने की राशि नहीं चुकाने पर सजायाफ्ता को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। घटना 20 जून 2024 की उन्होंने बताया कि 20 जून 2024 को किशोरी अपने घर में सोई हुई थी। इसी दौरान सिपाही सहनी घर में घुस गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि इस घटना में उसकी पत्नी ने भी उसका साथ दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद किशोरी की मां ने जब इसकी शिकायत की तो आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज की। इसी दौरान उसने किशोरी की बड़ी बहन के साथ भी छेड़खानी की। 26 जून 2024 को मां ने एफआईआर कराई अभियोजन के अनुसार, सिपाही सहनी छोटी बहन के साथ भी अक्सर छेड़खानी करता था। लगातार हो रही इन घटनाओं से परेशान होकर पीड़िताओं की मां ने 26 जून 2024 को मझौलिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत कार्रवाई मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354ए के तहत दो वर्ष, धारा 354बी के तहत तीन वर्ष, पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत तीन वर्ष, पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत 20 वर्ष तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 376(एबी) के तहत 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 52 हजार रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया गया है। अनन्य विशेष लोक अभियोजक जयशंकर कुमार तिवारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया गया। त्वरित सुनवाई के बाद न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। जुर्माने की राशि नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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