top
बुजुर्ग दंपत्ति ने सार्वजनिक रास्ता रोकने का लगाया आरोप:अयोध्या में CM-डीएम-SSP से लगाई गुहार; खंडासा पुलिस बोली-आरोप निराधार
अयोध्या के खंडासा थाना क्षेत्र के टिकटी गांव में सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध करने और बुजुर्ग दंपत्ति के उत्पीड़न का मामला सामने आया है। गांव निवासी 77 वर्षीय चंद्रभान सिंह और उनकी 75 वर्षीय पत्नी सावित्री ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। दंपत्ति ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि, खंडासा पुलिस ने शनिवार देर शाम दंपत्ति के आरोपों को निराधार बताया। डीएम-एसएसपी को 22 जुलाई को दी शिकायत चंद्रभान सिंह ने बताया कि उन्होंने 22 जुलाई को जिलाधिकारी और एसएसपी को शिकायती पत्र दिया था। इसमें उन्होंने गांव के ही गुरुदीन पर सार्वजनिक रास्ता रोकने, गाली-गलौज करने, धमकी देने और मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। दंपत्ति का कहना है कि उनकी उम्र अधिक है और वे कई बीमारियों से भी पीड़ित हैं। उन्हें नियमित रूप से अस्पताल जाना पड़ता है। घर के सामने रास्ता अवरुद्ध होने के कारण उन्हें आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। CCTV में घटनाएं रिकॉर्ड होने का दावा दंपत्ति ने आरोप लगाया कि रास्ता रोकने और विवाद के दौरान हुई घटनाएं उनके घर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हैं। उनका कहना है कि विपक्षी लगातार उन्हें धमकाते और परेशान करते हैं। यहां तक कि पुलिस की मौजूदगी में भी धमकी देने का आरोप लगाया गया है। चंद्रभान सिंह के मुताबिक, वह लगातार तहसील, थाना और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस बोली- अपनी जमीन पर बंद किया रास्ता वहीं, खंडासा के प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र कुमार सोनकर ने शनिवार, 15 अगस्त को दंपत्ति के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर रास्ता रोकने का आरोप लगाया जा रहा है, उसका वहां पहले से मकान था। मकान गिरने के बाद चंद्रभान सिंह ने कथित तौर पर जबरन वहां रास्ता बनाकर वाहन निकालना शुरू कर दिया था। प्रभारी निरीक्षक के अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने अपनी जमीन पर रास्ता बंद किया है। उन्होंने दंपत्ति की ओर से लगाए गए अन्य आरोपों को भी निराधार बताया।
Read full article on Bhaskar