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बांका में बिजली विभाग के मैनपावर ने रखी अपनी मांगें:200 मानव बल ने 13 साल की समस्याओं पर की चर्चा, जारी रहेगा संघर्ष
बांका शहर के तारा मंदिर परिसर में रविवार शाम बिजली विभाग के मानव बल की बैठक हुई।यह बैठक बिहार स्टेट प्रोग्रेसिव इलेक्ट्रिक वर्कर्स यूनियन, बागची भवन पटना की तरफ से आयोजित की गई थी। इसमें बांका और अमरपुर डिवीजन में काम करने वाले करीब 200 मानव बल शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता अवधेश कुमार ने की। समस्याओं और आर्थिक परेशानियों पर लंबी चर्चा बैठक में यूनियन की केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष नरेश राय, उपाध्यक्ष मनोज कुमार भारती, उपमहामंत्री चंद्र किशोर प्रसाद, संतोष पाठक, रणवीर राणा, सचिव भारतेन्दु विमल और कोषाध्यक्ष मोहम्मद खलील अशरफ मौजूद थे। इनके साथ भागलपुर, मधेपुरा और बेगूसराय जिले के पदाधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान बांका और अमरपुर डिवीजन के लिए यूनियन के अध्यक्ष,सचिव,कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव भी किया गया। बैठक में बिजली विभाग में एजेंसी के जरिए 13 साल से ज्यादा समय से काम कर रहे मानव बल की समस्याओं और आर्थिक परेशानियों पर लंबी चर्चा हुई। मैनपावर को हटाने का दिया था निर्देश स्थानीय वक्ताओं प्रीतम कुमार,वरुण कुमार, इश्तियाक अहमद,देवदत्त कुमार,अमित कुमार सिंह, अजीत कुमार,बबलू शाह और सिंटू ने अपनी अलग-अलग समस्याएं केंद्रीय कमेटी के सामने रखीं। केंद्रीय कमेटी के पदाधिकारियों ने संगठन के मकसद और मानव बल के अधिकारों के लिए चल रहे संघर्ष के बारे में बताया। वक्ताओं ने जानकारी दी कि एनबीपीडीसीएल के अपर सचिव ने 21 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी किया था। इसमें यार्डस्टिक से ज्यादा संख्या बताकर अररिया, किशनगंज, खगड़िया, बेगूसराय, बरौनी और सहरसा डिवीजन के मानव बल को हटाने का निर्देश दिया गया था। अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया यूनियन की कोशिशों के बाद 11 सितंबर 2026 को एक और आदेश आया,जिसमें इन मानव बल को वापस काम पर रखने का निर्देश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि संगठन अपनी लड़ाई जारी रखेगा।उनकी मांग है कि मानव बल को 60 साल की उम्र तक बिना डर के काम करने का मौका मिले। नियमितीकरण और वैकल्पिक तौर पर राज्य के न्यूनतम वेतनमान से जुड़ी मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा गया है। आखिर में अध्यक्ष अवधेश कुमार ने सभी मानव बल से एकजुट होकर संगठन के साथ खड़े रहने की अपील की। प्रीतम कुमार ने केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया। वहीं वरुण कुमार दर्वे ने बांका की ओर से मंदार पर्वत महालक्ष्मी मंदिर का प्रतिमा-चिह्न केंद्रीय समिति को भेंट किया।
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