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बेटियों ने उठाया तिरंगा तो पानी ने छोड़ा रास्ता:मेरठ में छात्रा का वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने की बात, खत्म कराया जलभराव
मेरठ के खरखौदा क्षेत्र के पांची गांव में स्वतंत्रता दिवस पर स्कूली छात्राओं के प्रदर्शन के बाद अंडरपास में भरा पानी निकाल दिया गया है। इन बेटियों का वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने खुद गांव के लोगों से बात की थी। तहसील के कर्मचारी भी सोमवार को गांव पहुंचे। पूरा गांव अब इन छात्राओं के साथ खड़ा है। पढ़िए दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट... 400 से ज्यादा बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल पांची गांव के प्रवेश द्वार पर मेजर आशाराम इंटर कॉलेज है। यहां 400 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं। गांव में आने-जाने के लिए रेलवे का बनाया अंडरपास ही मुख्य रास्ता है। बारिश होते ही इसमें पानी भर जाता है। कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि गांव का संपर्क ही कट जाता है। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले हुई बारिश के बाद भी अंडरपास पानी से लबालब हो गया था। स्कूल जाते समय एक बच्चा पानी में गिर गया। इसके बाद बच्चों का गुस्सा फूट पड़ा। तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे बच्चे कक्षा 11 की छात्रा वैशाली ने प्रदर्शन का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर अपलोड किया। वीडियो में बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर अंडरपास की समस्या के खिलाफ आवाज उठाते नजर आए। वैशाली ने बताया कि यह समस्या करीब आठ साल से बनी हुई है। गांव के लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसके बाद बच्चों ने खुद आवाज उठाने का फैसला किया। बारिश होते ही आधी रह जाती है स्कूल की उपस्थिति कॉलेज के प्रिंसिपल नरेश चंद्र ने बताया कि स्कूल में 400 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। अंडरपास में पानी भरने पर बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। कई बार उपस्थिति आधी से भी कम रह जाती है। स्कूल प्रबंधन की ओर से भी समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए गए हैं। ग्रामीणों ने विधायक पर भी उठाए सवाल पांची गांव किठौर विधानसभा क्षेत्र में आता है। यहां सपा के शाहिद मंजूर विधायक हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अंडरपास की समस्या को लेकर विधायक और अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में बच्चों और ग्रामीणों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है। प्रशासन की ओर से तत्काल राहत मिलने के बाद अब उनकी मांग है कि अंडरपास की जलनिकासी का स्थायी इंतजाम किया जाए, ताकि बारिश में स्कूल और गांव का रास्ता बंद न हो।
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