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चौसा पावर प्लांट की दोनों यूनिट कमर्शियल रूप से चालू:1320 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू, बिहार को मिलेगी 85% बिजली
बक्सर में एसजेवीएन की चौसा ताप विद्युत परियोजना की दोनों इकाइयां अब पूरी तरह व्यावसायिक रूप से चालू हो गई हैं। शनिवार को परियोजना की दूसरी 660 मेगावाट क्षमता वाली इकाई ने 12 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक व्यावसायिक संचालन शुरू कर दिया। इसके साथ ही 1320 मेगावाट क्षमता वाली यह परियोजना पूरी तरह से काम करने लगी है। इस परियोजना को बनाने में करीब 13,756.56 करोड़ रुपये लगे हैं। पूरी 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता उपलब्ध इसके पूरी तरह चालू होने से बिहार की बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है। एसजेवीएन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चौसा में बनी इस परियोजना में 660-660 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। दूसरी इकाई के चालू होने के बाद अब प्लांट की पूरी 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता उपलब्ध हो गई है। परियोजना से पैदा होने वाली बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा लंबे समय के लिए बिजली खरीद समझौते के तहत बिहार को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने 22 अगस्त 2025 को किया था वर्चुअल उद्घाटन इससे राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी और ज्यादा मांग वाले समय में भी बिजली की सप्लाई में मदद मिलेगी। एसजेवीएन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि दूसरी इकाई ने 12 सितंबर को सफलतापूर्वक व्यावसायिक संचालन हासिल किया है। इसके साथ ही बक्सर ताप विद्युत परियोजना एसजेवीएन की पहली ऐसी परियोजना बन गई है, जिसकी दोनों इकाइयां पूरी तरह से व्यावसायिक रूप से काम कर रही हैं। परियोजना की पहली 660 मेगावाट इकाई का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अगस्त 2025 को किया था। इसके बाद पहली इकाई ने 14 नवंबर 2025 को व्यावसायिक संचालन शुरू किया था। करीब दस महीने बाद अब दूसरी इकाई के भी व्यावसायिक रूप से चालू होने के साथ पूरा प्लांट 1320 मेगावाट क्षमता के साथ संचालित हो गया है। सालाना 9,828.72 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन एसजेवीएन के अनुसार परियोजना के 85 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर सालाना करीब 9,828.72 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की संभावना है। परियोजना में अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण प्रणाली लगाए जाने की बात कंपनी ने कही है। परियोजना के निर्माण के दौरान करीब 65 हजार श्रमिकों को रोजगार मिला। कंपनी के अनुसार संचालन शुरू होने के बाद भी चौसा और आसपास के क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पूर्वी क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को भी मिलेगी मजबूती एसजेवीएन की ओर से परियोजना क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित किए जाने की भी जानकारी दी गई है। कंपनी का कहना है कि परियोजना के पूरी क्षमता से संचालन में आने से बिहार के साथ पूर्वी क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को भी मजबूती मिलेगी। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने परियोजना की इस उपलब्धि के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार, विद्युत मंत्रालय सहित संबंधित विभागों, कर्मचारियों और सभी हितधारकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों इकाइयों का वाणिज्यिक संचालन कंपनी के साथ बिहार के ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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