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CBSE का पाठ्यक्रम बदला, नौवीं से तीन विषय हटे; दसवीं में पांच मुख्य विषयों की बोर्ड परीक्षा
CBSE का पाठ्यक्रम बदला, नौवीं से तीन विषय हटे; दसवीं में पांच मुख्य विषयों की बोर्ड परीक्षा एआई, डेटा साइंस और कृषि जैसे कौशल विषयों के विकल्प मिलेंगे, व्यावसायिक शिक्षा रहेगी अनिवार्य मेरठ। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा नौवीं और दसवीं के पाठ्यक्रम व मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 की नौवीं और इसी बैच की 2027-28 की दसवीं कक्षा से तीन विषय हटाए जाएंगे। इनमें ‘इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी’, ‘क्रिटिकल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉड्यूल’ और दसवीं की ‘पर्यावरण शिक्षा’ शामिल हैं। नई व्यवस्था में व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य रहेगी। विद्यार्थी कौशल विकास या बोर्ड की ओर से अधिसूचित 22 कौशल विषयों में से किसी एक का चयन कर सकेंगे। कौशल विकास का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा, जबकि कौशल विषय चुनने वाले विद्यार्थियों को दसवीं में संबंधित बोर्ड परीक्षा देनी होगी। नौवीं में नौ विषय अनिवार्य सीबीएसई के नए प्रावधानों के अनुसार नौवीं कक्षा में विद्यार्थियों को तीन भाषाओं, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण और व्यावसायिक शिक्षा सहित नौ अनिवार्य विषय पढ़ने होंगे। इसके अतिरिक्त एक वैकल्पिक विषय चुनने का विकल्प भी मिलेगा। वैकल्पिक विषयों में संगीत, चित्रकला, गृह विज्ञान, एनसीसी, कंप्यूटर एप्लीकेशन, बिजनेस और बुक कीपिंग एवं अकाउंटेंसी जैसे विषय शामिल हैं। एआई और डेटा साइंस पर जोर बोर्ड की 22 कौशल विषयों की सूची में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, बैंकिंग एवं बीमा, हेल्थकेयर, पर्यटन, रिटेल, मार्केटिंग एवं सेल्स, मल्टीमीडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजाइन थिंकिंग जैसे विकल्प शामिल हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ व्यावहारिक और रोजगारपरक कौशल से जोड़ना है। दसवीं में पांच मुख्य विषयों की परीक्षा शैक्षिक सत्र 2027-28 में दसवीं की बोर्ड परीक्षा के लिए पांच मुख्य विषय निर्धारित किए गए हैं। इनमें पहली भाषा, दूसरी भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान शामिल हैं। चुने गए वैकल्पिक या कौशल विषय की परीक्षा भी संबंधित प्रावधानों के अनुसार होगी। तीसरी भाषा, कला शिक्षा और शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा। कौशल विकास में स्कूल जारी करेगा प्रमाणपत्र कौशल विकास विषय में बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्कूल प्रमाणपत्र देगा। वहीं, 22 अधिसूचित कौशल विषयों में से किसी एक का चयन करने वाले विद्यार्थियों के अंक और ग्रेड बोर्ड के अंकपत्र में दर्ज होंगे। उत्तीर्ण होने पर संबंधित विषय में एनएसक्यूएफ प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
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