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CCSU हॉस्टल में ट्रिपलिंग पर भड़के छात्रों ने दिया धरना:कुलपति के सामने जताई नाराजगी, पहले भी नए छात्रावास की मांग को लेकर दिया था ज्ञापन
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में हॉस्टल में सीट आवंटन को लेकर मंगलवार को छात्रों ने धरना दिया। मामला एक कमरे में निर्धारित संख्या से अधिक छात्राओं को रखने को लेकर सामने आया। छात्रों का आरोप था कि हॉस्टल में सीटों की कमी के कारण छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान कुलपति संगीता शुक्ला भी छात्रों के बीच पहुंचीं। इस दौरान कुलपति की छात्रों और छात्र नेताओं से काफी देर तक बहस हुई। छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। छात्र नेता अक्षय बैसला ने कहा कि छात्रों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था करना भी विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। जब विश्वविद्यालय प्रशासन को पता था कि छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है तो उसी हिसाब से छात्रावासों की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसा नहीं किया, जिसकी वजह से अब छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अक्षय बैसला ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन हॉस्टल की क्षमता उसी अनुसार नहीं बढ़ाई गई। ऐसे में छात्र-छात्राओं को हॉस्टल में जगह के लिए भटकना पड़ रहा है। उनका कहना था कि समस्या पहले से सामने थी, इसके बावजूद समय रहते इसका समाधान नहीं किया गया। बिना सहमति ट्रिपलिंग का आरोप विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि एक कमरे में केवल दो छात्र या छात्राओं को ही सीट आवंटित की जाएगी। यदि किसी कमरे में ट्रिपलिंग यानी तीन छात्रों या छात्राओं को रखा जाता है तो यह तीनों की आपसी सहमति से ही की जाएगी। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बिना सहमति के ही कमरों में ट्रिपलिंग की जा रही है। इसी बात को लेकर छात्रों ने आपत्ति जताई और धरने पर बैठ गए। छात्रों का कहना है कि अगर किसी कमरे में पहले से दो छात्र या छात्राएं रह रहे हैं तो तीसरे को रखने से पहले उनकी सहमति लेना जरूरी है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जारी पत्र के अनुसार ही सीट आवंटन करने की मांग की। एक साल पहले भी दिया था ज्ञापन छात्र नेता अक्षय बैसला और शुभम बड़ाना ने पिछले साल 17 सितंबर 2025 को कुलपति को ज्ञापन देकर विश्वविद्यालय में अलग-अलग नए हॉस्टल बनाने की मांग की थी। ज्ञापन में एक हॉस्टल लड़कों के लिए और एक हॉस्टल लड़कियों के लिए बनवाने की मांग रखी गई थी। छात्र नेताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उनके रहने के लिए पर्याप्त हॉस्टल उपलब्ध नहीं हैं। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में दूसरी जरूरतों के लिए बिल्डिंग बनाई जा रही हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं की समस्या को देखते हुए नए हॉस्टल का निर्माण नहीं कराया गया। हॉस्टल की कमी के कारण छात्र-छात्राओं को रहने के लिए भटकना पड़ रहा है और उन्हें परेशानी में रहना पड़ रहा है। पुलिस भी पहुंची, छात्रों से हुई बहस धरने के दौरान छात्रों और पुलिस अधिकारियों के बीच भी काफी बहस हुई। हंगामे की सूचना पर सीओ सिविल लाइन मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। छात्रों ने हॉस्टल में सीट आवंटन और अतिरिक्त छात्राओं को कमरों में रखने को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक धरना और बातचीत चलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दुर्गा भाभी छात्रावास में अतिरिक्त रह रही छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में शिफ्ट कर दिया। छात्राओं को दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त किया।
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