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CCSU में बाहरी कार्यक्रम को लेकर छात्र-नेताओं ने उठाए सवाल:मंत्री-नेताओं के कार्यक्रम से विश्विद्यालय में जाम और अव्यवस्थाओं का आरोप
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सोमवार को विमुक्त जाति दिवस समारोह आयोजित किया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में हुए कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री और कई नेता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कई अव्यवस्थाएं सामने आने का आरोप लगाते हुए छात्र नेताओं ने विरोध जताया। छात्र नेता अक्षय बैंसला ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक कार्यक्रम के कारण पूरे दिन विश्वविद्यालय की सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। अक्षय बैंसला ने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में आज तक इस तरह पूरे दिन जाम की स्थिति देखने को नहीं मिली, लेकिन सोमवार को कार्यक्रम के चलते विश्वविद्यालय की सड़कों पर वाहनों की भीड़ लगी रही। कार्यक्रम में ढोल, हूटर और लगातार भाषणबाजी के कारण पूरे दिन विश्वविद्यालय का शिक्षण कार्य बाधित हुआ। उनका आरोप है कि कार्यक्रम के चलते छात्र-छात्राओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा और कैंटीन तक में छात्रों को बैठने की जगह नहीं मिली। छात्रों के लिए ऑडिटोरियम में कार्यक्रम क्यों नहीं अक्षय बैंसला ने विश्वविद्यालय की कुलपति से सवाल करते हुए कहा कि जिस ऑडिटोरियम में मंत्री और नेताओं के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, उसी ऑडिटोरियम में छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक और बौद्धिक कार्यक्रम क्यों नहीं कराए जाते। उन्होंने कहा कि छात्र शैक्षणिक टूर के लिए पैसे जमा करते हैं, लेकिन उन्हें टूर पर नहीं ले जाया जाता। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को बताना चाहिए कि छात्रों की सुविधाओं और उनके बौद्धिक विकास के लिए आखिर कितनी गतिविधियां कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ाई के साथ छात्रों के कार्यक्रम, बौद्धिक विकास के लिए बैठकें और शैक्षणिक गतिविधियां होनी चाहिए। इसके बजाय विश्वविद्यालय में लगातार राजनीतिक और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुलपति राजनेताओं की गुलामी और प्रोफेसर चरण वंदना में लगे छात्र नेता अक्षय बैंसला ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया गया कि कुलपति की ओर से राजनेताओं को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। कुलपति की राजनेताओं के प्रति 'गुलामी' तक करार दिया। साथ ही प्रोफेसरों पर भी कुलपति की 'चरण वंदना' करने के आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित करने के लिए रोजाना बिना वजह के कार्यक्रम विश्वविद्यालय में कराए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य शिक्षा देना, विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास करना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इन मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र थोड़ी है, यह तो सरकारी धर्मशाला है अक्षय बैंसला ने विश्वविद्यालय में लगातार होने वाले राजनीतिक और जातीय कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र होने के बजाय अब 'सरकारी धर्मशाला' बनकर रह गया है। छात्र नेता ने कहा कि विश्वविद्यालय सभी छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा का समान केंद्र होना चाहिए। यहां किसी राजनीतिक दल या जातीय संगठन के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक माहौल प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि कार्यक्रमों के आयोजन के साथ छात्रों की पढ़ाई, कैंपस की व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाए।
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