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डूंगरपुर में अघोषित बिजली कटौती पर विधायक का धरना जारी:एसई का पुतला फूंका, भारी बिलों और खराब व्यवस्था पर जताया आक्रोश
डूंगरपुर जिले में लगातार बिजली कटौती, ज्यादा बिजली बिल और खराब बिजली व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा का एसई ऑफिस के बाहर धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) का पुतला फूंककर विरोध जताया। विधायक ने मांग की कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जनता को 24 घंटे सिंगल फेज बिजली सप्लाई दी जाए। लिखित आश्वासन तक धरना जारी रखने की चेतावनी विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि जब तक बिजली व्यवस्था को लेकर लिखित में भरोसा नहीं मिलता और बड़े अधिकारी बातचीत के लिए नहीं आते, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती से शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी परेशान हैं। ‘कटौती हो रही तो बिल 10 हजार कैसे?’ घोघरा ने प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब जनता को पूरी बिजली नहीं मिल रही और लगातार कटौती हो रही है, तो बिजली के बिल ढाई हजार से बढ़कर 10-10 हजार रुपए कैसे आ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि यदि बिजली सप्लाई में कटौती की जा रही है तो उपभोक्ताओं के बिल भी उसी हिसाब से कम होने चाहिए। टेंडर में करोड़ों के घोटाले का आरोप विधायक ने बिजली निगम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में करोड़ों रुपए के घोटाले हो रहे हैं। घोघरा ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। निगम बोला- बारिश से कुछ इलाकों में आई थी दिक्कत विरोध प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों पर बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता वीके दोसी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में तेज बारिश और खराब मौसम के कारण कुछ खास इलाकों में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई थी। उन्होंने बताया कि अब समस्या को ठीक कर लिया गया है। घोटाले के आरोपों पर दोसी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। यदि कोई शिकायत है तो उसकी नियमों के अनुसार जांच कराई जा सकती है।
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