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फर्जी IAS बनकर ठगी के पैसों से खरीदा फर्नीचर:अशोकनगर में युवकों से ठगे थे 9 लाख, महिला के ससुराल से मिला 4 लाख का सामान
अशोकनगर के चंदेरी में फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर नौकरी लगवाने के नाम पर 9.80 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने आरोपी के भोपाल स्थित ससुराल से करीब 4 लाख रुपए का फर्नीचर बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, यह फर्नीचर ठगी के पैसों से खरीदा गया था। पुलिस ने आरोपी तृप्ति सिंह राजपूत को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया था। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान उसने बताया कि ठगी के पैसों से आईफोन मोबाइल खरीदा, होटलों में ठहरी और ससुराल में फर्नीचर लगवाया। आरोपी की जानकारी के आधार पर चंदेरी पुलिस की टीम भोपाल की अलकापुरी कॉलोनी स्थित उसके ससुराल पहुंची। पुलिस ने उसके ससुर रामबाबू सिंह राजपूत के सामने घर से करीब 4 लाख रुपए कीमत का फर्नीचर बरामद किया। बरामद सामान को चंदेरी लाया गया है। पुलिस अब ठगी के पैसों से खरीदी गई दूसरी संपत्तियों और सामान की भी जानकारी जुटा रही है। एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई यह कार्रवाई एसपी राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर की गई। टीम में थाना प्रभारी प्रशांत यादव, एसआई कदम सिंह मीना, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र कुमार, आरक्षक योगेंद्र रघुवंशी और आनंद राजपूत शामिल रहे। एसपी ने लोगों से अपील की है कि कोई व्यक्ति सरकारी अधिकारी या किसी बड़ी संस्था का अधिकारी बनकर नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे मांगे तो पैसे न दें। ऐसे मामले की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... महंगी कार, लग्जरी होटल और आईफोन से दिखाती थी रुतबा चंदेरी में किला कोठी का कमरा... सामने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताने वाली एक महिला... बातचीत में सरकारी नौकरी और अच्छी सैलरी का भरोसा... और फिर हर उम्मीदवार से लाखों रुपए की मांग। यह कोई और नहीं, भोपाल की रहने वाली तृप्ति सिंह राजपूत है, जिस पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चंदेरी के 4 युवकों से 9 लाख 80 हजार रुपए की ठगी का आरोप है। पूरी खबर पढ़ें...
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