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फार्मेसी संस्थान के प्राचार्य पर फर्जी डिग्री देने का आरोप:छात्र से रजिस्ट्रेशन के नाम पर लिए 1.75 लाख रुपए; पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा
बहराइच में एक फार्मेसी संस्थान के प्राचार्य पर फर्जी डिग्री देने के आरोप में पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान नंदा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्राचार्य सुरेंद्र कुमार सिंह उर्फ दीप राठौर के रूप में हुई है। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। डी-फार्मा में दाखिला लेने वाले छात्र ने की शिकायत मामला बलरामपुर निवासी छात्र रवि प्रताप की शिकायत से जुड़ा है। छात्र ने वर्ष 2020 में नंदा इंस्टीट्यूट में डी-फार्मा कोर्स में प्रवेश लिया था। आरोप है कि संस्थान की निर्धारित फीस के अलावा उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण के नाम पर छात्र से 1.75 लाख रुपए लिए गए। रजिस्ट्रेशन के बाद नहीं मिले प्रमाणपत्र रवि प्रताप का आरोप है कि रकम जमा करने और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उसे अंकपत्र और प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद उसने मामले की जानकारी जुटाई। 31 मार्च को गाजीपुर थाने के उपनिरीक्षक नीरज यादव ने छात्र को बताया कि उसकी डी-फार्मा डिग्री फर्जी है। एसपी से शिकायत के बाद दर्ज हुई FIR डिग्री फर्जी होने की जानकारी मिलने के बाद छात्र ने पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव से मुलाकात कर शिकायत की। एसपी के हस्तक्षेप के बाद 13 अगस्त को रामगांव थाने में मामले की एफआईआर दर्ज की गई। दबिश देकर प्राचार्य को पकड़ा थानाध्यक्ष दिवाकर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मंगलवार को आरोपी प्राचार्य के ठिकाने पर दबिश दी और सुरेंद्र कुमार सिंह उर्फ दीप राठौर को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष के मुताबिक आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। अन्य छात्रों में भी बढ़ी चिंता फर्जी डिग्री के आरोप का मामला सामने आने के बाद संस्थान के अन्य छात्रों में भी अपने शैक्षिक प्रमाणपत्रों और फार्मेसी काउंसिल पंजीकरण को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
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