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गाजियाबाद में दादा-चाचा ने मिलकर पोते को मार डाला:शराब की लत से थे परेशान, पुलिस को गुमराह करने के लिए रची झूठी कहानी
गाजियाबाद में दादा और चाचा ने मिलकर अपने ही पोते-भतीजे अश्वनी उर्फ आशू की हत्या कर दी। दोनों अश्वनी की शराब की लत और आए दिन की मारपीट से परेशान थे। पहले दोनों ने हत्या की साजिश रची। इसके बाद रात में अश्वनी पर धारदार दांव और डंडेनुमा बल्ली के टुकड़े से कई वार किए। पोस्टमार्टम में उसके शरीर पर 11 चोटों के निशान मिले हैं। हत्या करने के बाद दादा भीम सिंह और चाचा राजेश ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पूरी कहानी रची। सुबह करीब 7 बजे भीम सिंह छत पर गया और अश्वनी की हत्या होने का शोर मचाने लगा। वहीं राजेश ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। शुरुआत में मामला हत्या का लग रहा था, लेकिन पुलिस ने CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना से भी पुलिस को अहम सुराग मिले। जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई परिवार के ही दोनों लोगों पर पहुंच गई। 14 साल से पोते की हरकतों से परेशान था दादा एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद के मुताबिक, अश्वनी शराब पीने का आदी था। शराब पीने के बाद वह परिवार के लोगों से मारपीट करता था और शराब खरीदने के लिए रुपये मांगता था। पूछताछ में दादा भीम सिंह ने बताया कि वह करीब 14 साल से पोते की हरकतों से परेशान था। अश्वनी की शराब की लत के कारण परिवार पर कर्ज भी बढ़ता जा रहा था। भीम सिंह ने अपने हिस्से का आधा मकान करीब 9 लाख रुपए में बेच दिया था। इसमें 6 लाख रुपए का लोन चुकाया गया। करीब डेढ़ लाख रुपए अश्वनी के शराब के कर्ज में भी दिए गए थे। इसके बावजूद अश्वनी लगातार रुपए मांगता था। रुपए नहीं देने पर वह दादा और परिवार के दूसरे सदस्यों से गाली-गलौज और मारपीट करता था। 12 सितंबर की रात फिर रुपए मांगे, इसके बाद हत्या अश्वनी के माता-पिता किराए के मकान में रह रहे थे। पुराना मकान बन रहा था, जबकि दादा भीम सिंह और अश्वनी पुराने मकान में रहते थे। 12 सितंबर की रात करीब साढ़े 8 बजे अश्वनी शराब पीकर घर आया। उसने दादा से शराब के लिए रुपए मांगे। रुपए नहीं मिलने पर धमकी देकर वहां से चला गया। इसके बाद भीम सिंह ने अपने बेटे राजेश को पूरी बात बताई। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अश्वनी की हत्या करने की योजना बनाई। रात करीब 10 बजे दोनों ने अश्वनी पर दांव और डंडेनुमा बल्ली के टुकड़े से कई वार किए। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल दांव को तकिये के कवर से साफ किया और घर में छिपा दिया। वहीं डंडे को तकिये के कवर समेत खाली प्लॉट में फेंक दिया। दादा और चाचा गिरफ्तार, हथियार बरामद पुलिस ने मामले में अश्वनी के चाचा राजेश और दादा भीम सिंह को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दांव, डंडेनुमा बल्ली का टुकड़ा और खून से सना तकिये का कवर बरामद किया गया है। एसीपी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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