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हूतियों के मिसाइल हमले से सऊदी में मची हलचल, मस्जिद समेत कई इमारतें क्षतिग्रस्त
हूतियों के मिसाइल हमले से सऊदी में मची हलचल, मस्जिद समेत कई इमारतें क्षतिग्रस्त जजान में दो लोग घायल, कई वाहन भी हुए क्षतिग्रस्त; हूतियों ने सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया नई दिल्ली। यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए मिसाइल हमले में सऊदी अरब के दक्षिणी जजान क्षेत्र में दो लोग घायल हो गए। सऊदी अधिकारियों के अनुसार मिसाइल गिरने से एक मस्जिद समेत कई इमारतों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है। सऊदी सिविल डिफेंस ने आम नागरिकों और संपत्तियों को निशाना बनाए जाने को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है। हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए दक्षिणी सऊदी अरब के नजरान प्रांत के शरूरा में एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी के मुताबिक हमले में हथियार डिपो और कमांड एवं कंट्रोल सेंटर भी निशाने पर थे। उनका दावा है कि इन ठिकानों से यमन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई संचालित की जा रही थी। हूतियों की सऊदी अरब को चेतावनी हूती प्रवक्ता ने सऊदी अरब को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सैन्य कार्रवाई जारी रही तो सऊदी क्षेत्र में और बड़े हमले किए जा सकते हैं। हालांकि, हूतियों की ओर से हमले का सटीक समय नहीं बताया गया। सऊदी सिविल डिफेंस के मुताबिक खामिस मुशैत क्षेत्र में जारी की गई चेतावनी के बाद खतरा टल गया। हाल के दिनों में हूतियों की ओर से दक्षिणी सऊदी अरब के विभिन्न इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। मंगलवार को अभा, खामिस मुशैत, जजान और नजरान में नागरिक एवं आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने का भी दावा किया गया था। इन घटनाओं में महिलाओं और बच्चों समेत 73 लोगों के घायल होने की बात कही गई। यमन में फिर गहराता जा रहा संघर्ष सऊदी अरब पर हमले यमन में दोबारा तेज हो रहे संघर्ष के बीच हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए संघर्ष विराम के बाद करीब चार साल तक अपेक्षाकृत शांति रहने के बाद जुलाई में यमन में फिर लड़ाई तेज होने की बात कही गई है। हूतियों का लाल सागर के बड़े हिस्से पर नियंत्रण है, जबकि यमन की सरकारी सेना ने अल-जौफ, मारिब और अल-बैदा समेत कई क्षेत्रों में नए मोर्चे खोल दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हालिया संघर्ष में 500 से अधिक लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आपात सत्र में विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने चेतावनी दी कि यमन एक बार फिर युद्ध के नए और अधिक खतरनाक दौर की ओर बढ़ रहा है।
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