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इटावा में लेखपाल के स्टोर रूम में मिला कोबरा:बोरी हटाते ही फुफकारने लगा सांप, सर्पमित्र ने किया रेस्क्यू
इटावा शहर स्थित वैशाली पुरम कॉलोनी के लेखपाल के मकान के स्टोर रूम में खतरनाक स्पेक्टेकल्ड कोबरा सांप मिलने से हड़कंप मच गया। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे स्टोर रूम में सामान लेने पहुंची लेखपाल सुजाता सिंह ने बोरी हटाई तो उसके पीछे कोबरा बैठा दिखाई दिया। सांप के फुफकारने पर वह घबराकर बाहर निकलीं और भाई लेखपाल आशीष कटारिया को जानकारी दी। सूचना पर सर्पमित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और करीब पांच मिनट में कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। सदर तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात सुजाता सिंह घर के स्टोर रूम में सामान लेने गई थीं। वहां कोने में रखी बोरी को हटाते ही पीछे छिपा कोबरा दिखाई दिया। अचानक सामने आए सांप ने फुफकारना शुरू कर दिया। इससे घबराई सुजाता सिंह तुरंत स्टोर रूम से बाहर निकल आईं और परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी। हेल्पलाइन पर दी गई सूचना सुजाता सिंह के भाई और सदर तहसील में तैनात लेखपाल आशीष कटारिया ने तत्काल जनपद की वन्यजीव रेस्क्यू एवं स्नेक बाइट हेल्पलाइन पर संपर्क किया। उन्होंने वन्यजीव विशेषज्ञ एवं सर्पमित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही डॉ. आशीष मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक स्टोर रूम में जाकर सांप का रेस्क्यू शुरू किया। पांच मिनट में किया सुरक्षित रेस्क्यू सर्पमित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी ने करीब पांच मिनट की मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान परिवार के सदस्यों को स्टोर रूम से दूर रखा गया। सांप को पकड़ने के बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद वन विभाग के दिशा-निर्देशन में कोबरा को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया पूरी की गई। फिशर वन क्षेत्र में छोड़ा सर्पमित्र के मुताबिक रेस्क्यू किया गया सांप स्पेक्टेकल्ड कोबरा है। सुरक्षित रेस्क्यू के बाद सामाजिक वानिकी विभाग इटावा के दिशा-निर्देशन में उसे फिशर वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। बताया गया कि संभवतः कोबरा भोजन की तलाश में स्टोर रूम में पहुंचा होगा। वहां चूहों या मेंढकों की मौजूदगी के कारण सांप के छिपने की संभावना जताई गई। सर्पदंश से बचाव की दी जानकारी रेस्क्यू के बाद डॉ. आशीष त्रिपाठी ने परिवार के बुजुर्गों और बच्चों को सर्पदंश से बचाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोबरा जहरीला सांप है और इसके काटने पर तत्काल चिकित्सकीय उपचार जरूरी है। सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाना चाहिए। जिला अस्पताल में उपचार उपलब्ध डॉ. आशीष ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार कराया जा सकता है। उन्होंने परिवार को समझाया कि सांप के काटने के बाद घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखें और बिना देरी किए चिकित्सकीय सहायता लें। समय पर उपचार मिलने से सर्पदंश के गंभीर प्रभावों से बचाव की संभावना बढ़ जाती है।
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