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जेल डीजी पहुंचे हाई सिक्योरिटी-सेंट्रल जेल,व्यवस्थाओं का लिया जायजा:अधिकारियों से लिया फीडबैक; जेल अधीक्षक की प्रहरी प्रशिक्षण पुस्तकों का किया विमोचन
अजमेर में हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में जेल डीजी अशोक राठौड़ ने निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को लेकर फीडबैक लिया। जेल अधीक्षक की ओर से तैयार प्रहरी प्रशिक्षण पुस्तकों का भी विमोचन किया गया। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी ली गई। राजस्थान जेल महानिदेशक अशोक राठौड़ ने शुक्रवार को हाई सिक्योरिटी जेल और सेंट्रल जेल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की सुविधाओं और जेल प्रशासन से जुड़े इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने दोनों जेल अधीक्षकों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीजी ने जेल में बंदियों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। प्रशिक्षु प्रहरियों के लिए तैयार की पाठ्य-पुस्तकें, डीजी ने किया विमोचन अजमेर दौरे के दौरान जेल प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में डीजी अशोक राठौड़ ने प्रहरी संवर्ग के प्रशिक्षुओं के लिए तैयार की गई प्रशिक्षण पुस्तकों का विमोचन भी किया। इन पुस्तकों को हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर के अधीक्षक पारस जांगिड़ ने तैयार किया है। पुस्तकों में प्रहरी प्रशिक्षण के निर्धारित नौ इंडोर विषयों को सरल भाषा और व्यवहारिक उदाहरणों के साथ शामिल किया गया है। इसमें कारागार प्रशासन, सुरक्षा एवं अनुशासन, बंदियों की देखभाल एवं सुधार, विधिक एवं मानवाधिकार, समाजशास्त्र, अपराधशास्त्र एवं आपराधिक मनोविज्ञान, स्वास्थ्य एवं प्राथमिक चिकित्सा और कम्प्यूटर उपयोग सहित ड्यूटी से जुड़े विषय शामिल हैं। डीजी बोले- प्रशिक्षण सेवा जीवन की मजबूत नींव प्रशिक्षण संस्थान में महिला प्रहरियों और प्रशिक्षु उप अधीक्षकों को संबोधित करते हुए डीजी ने कहा कि प्रशिक्षण अवधि सेवा जीवन की मजबूत नींव होती है। प्रशिक्षुओं को ज्ञान, अनुशासन और दक्षता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। जेल सेवा में सुरक्षा और अनुशासन के साथ बंदियों के प्रति संवेदनशील और सुधारात्मक दृष्टिकोण भी जरूरी है।
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