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जयपुर में फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों का हंगामा:डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए आए थे, डिपार्टमेंट लेने लगा एग्जाम; विभाग ने कहा- जानकारी के लिए पेन-पेपर दिए
जयपुर के झालाना स्थित शिफू संस्थान में बुधवार को डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन करवाने आए फार्मासिस्ट सीधी भर्ती- 2023 के अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया। आरोप है कि यहां पहुंचे करीब 60 अभ्यर्थियों से डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन से पहले लिखित एग्जाम लिया जाने लगा। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने ड्रग कंट्रोल अजय फाटक, ज्वाइंट डायरेक्टर संजय सक्सेना समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को घेर लिया। दरअसल राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों के बाद इस सीधी भर्ती के 60 अभ्यर्थियों को स्वास्थ्य विभाग में बुधवार को डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए बुलाया गया था। आरोप- सीधी भर्ती में एग्जाम का नियम नहीं फिर भी सवाल दिए भर्ती प्रक्रिया सीधी थी, इसलिए इसमें नियमों के अनुसार एग्जाम के बजाय अकेडमिक नंबर और अनुभव में प्राप्त नंबर के आधार पर सिलेक्शन किया जाने का प्रावधान था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब वे शिफू के ऑफिस पहुंचे तो पहले इन्हें 3-4 घंटे इंतजार करवाया। इसके बाद अधिकारी आए और उन्होंने डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन करने के बजाए कैंडिडेट्स को एक पेपर और पेन थमाकर कुछ सवाल दे दिए। इस तरह बिना किसी सूचना और नियमों के एग्जाम की प्रक्रिया अपनाने पर अभ्यर्थी नाराज हो गए और उन्होंने हंगामा कर दिया। कोर्ट ने डोक्यूमेंट जांच के आदेश दिए थे अभ्यर्थियों का आरोप था कि कोर्ट ने डॉक्यूमेंट की जांच कर उसकी रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए है न कि एग्जाम लेने के। उन्होंने कहा- अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके विरोध के बावजूद भी सुनने को को तैयार नहीं हुए। इसके बाद अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया। हंगामे के कारण मौके पर डॉक्यूमेंट वैरीफिकेशन का काम रोक दिया। डिग्री और कॉलेज की जानकारी के लिए पेन-पपेर दिया- निदेशक चिकित्सा विभाग के निदेशक (अराजपत्रित) राकेश शर्मा का कहना है कि हमने केवल सामान्य जानकारी मांगने के लिए ही पेन-पेपर दिया था। इसमें फार्मासिस्ट डिग्री, कॉलेज की जानकारी समेत अन्य तरह की सूचनाएं है। इसे लेकर ही अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया। हमे कोर्ट में इन दस्तावेजों की जांच करके 30 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करनी है।
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