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झांसी कलेक्ट्रेट जान देने पहुंचा युवक, हेयर डाई निगली:बोला-दबंगों ने बिना बात बाड़े में बंद कर पीटा, हाथ तोड़ा, नहीं हो रही कार्रवाई
झांसी कलेक्ट्रेट में शनिवार को पत्नी और एक साल के बच्चे के साथ पहुंचे एक युवक ने हेयर डाई निगलकर आत्महत्या करने की कोशिश की। युवक का आरोप है कि दबंगों ने उसके साथ मारपीट कर हाथ तोड़ दिया, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इसी से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। पहले 2 तस्वीर देखिए... युवक को डाई निगलते देख आसपास मौजूद लोगों ने उसके मुंह से जबरन डाई बाहर निकाली। इसके बाद कलेक्ट्रेट कर्मचारियों और परिजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर उसे घर भेज दिया गया। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के इकबाल नगर निवासी अक्षय नामदेव गणेश, दुर्गा समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बेचने का काम करते हैं। काम के सिलसिले में वह परिवार के साथ कोतवाली थाना क्षेत्र की मास्टर कॉलोनी में किराये के मकान में रहते हैं। शनिवार को अक्षय अपनी पत्नी प्राची और एक ढाई साल के बेटे के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उनके हाथ में काली पॉलीथिन थी, जिसमें हेयर डाई रखी थी। कलेक्ट्रेट में लोगों का ध्यान हटते ही अक्षय ने पॉलीथिन से डाई निकाली और उसे निगल लिया। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक की नजर उन पर पड़ गई। उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को जानकारी दी। इसके बाद लोगों ने अक्षय के हाथ से बची हुई डाई छीन ली और उनके मुंह से भी डाई बाहर निकलवाई। कलेक्ट्रेट कर्मचारियों को जानकारी हुई तो वे भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों के साथ युवक को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार होने पर चिकित्सकों ने उसे घर भेज दिया। मूर्तिकार के यहां गए थे, आरोपियों ने पकड़कर पीटा अक्षय ने बताया कि आगामी गणेश उत्सव के लिए वह प्रतिमाएं खरीदने की तैयारी कर रहे थे। इसी सिलसिले में 26 अगस्त को वह सदर बाजार थाना क्षेत्र के भगवंतपुरा में एक मूर्तिकार के पास गए थे। वहां कुछ लोग मूर्तिकार से विवाद कर रहे थे। अक्षय का कहना है कि वह पास में खड़े होकर उनकी बातें सुन रहे थे। इसी दौरान विवाद कर रहे एक व्यक्ति ने उन्हें बिना वजह थप्पड़ मार दिया। आरोप है कि थप्पड़ का विरोध करने पर आरोपी ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद सभी लोग उन्हें पास के एक बाड़े में ले गए, जहां करीब दो घंटे तक लाठी-डंडों से पीटा। मारपीट में उनका एक हाथ टूट गया और शरीर पर भी चोटें आईं। पुलिस मौके पर पहुंची, फिर भी आरोपियों पर कार्रवाई न होने का आरोप अक्षय के मुताबिक, जब उन्हें बाड़े में बंद कर पीटा जा रहा था, तब मूर्तिकार ने उनकी पत्नी को फोन कर घटना की जानकारी दी। पत्नी ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही मौके पर पहुंचकर पति को बचाने की कोशिश की। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने के बाद भी दबंगों ने अक्षय को नहीं छोड़ा। बाद में पुलिस ने ही उन्हें बाड़े से बाहर निकलवाया। अक्षय का आरोप है कि हाथ तोड़ने वाले आरोपी पुलिस के सामने ही मौजूद थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया। उनका कहना है कि कई दिनों से न्याय की उम्मीद में वह परेशान थे। कार्रवाई न होने से निराश होकर उन्होंने कलेक्ट्रेट में आत्महत्या करने की कोशिश की। पत्नी बोली- एफआईआर से न्याय नहीं, आरोपियों के घर गिराए जाएं अक्षय की पत्नी प्राची नामदेव ने मुख्यमंत्री से मामले में मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगों ने उनके पति का हाथ तोड़ दिया और शरीर पर कई जगह चोटें हैं। चोटों के कारण वह फिलहाल ठीक से काम कर पाने और कमाई करने की स्थिति में भी नहीं हैं। प्राची ने आरोप लगाया कि प्रतिमाएं खरीदने के लिए ले गए करीब 50 हजार रुपये भी आरोपियों ने उनके पति की जेब से निकाल लिए। महिला का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सिर्फ एफआईआर दर्ज होने से उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। वहीं, पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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