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कलेक्टर ने गंदे पानी की सप्लाई पर जताई नाराजगी:सीएमओ को लैब शुरू कर प्रतिदिन टेस्टिंग के निर्देश दिए
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने शुक्रवार को पथरिया में विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत हुए इस निरीक्षण में कलेक्टर ने फिल्टर प्लांट पर बिना लैब टेस्टिंग के गंदे पानी की सप्लाई पर गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने सीएमओ को तत्काल लैब चालू करने और प्रतिदिन पानी की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर यादव ने पथरिया में छात्रावास, फिल्टर प्लांट, स्कूल, अस्पताल और राशन दुकान सहित कई स्थानों का दौरा किया। जहां भी अनियमितताएं पाई गईं, वहां सुधार के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण जिले की पूरी टीम के साथ किया गया, जिसका उद्देश्य शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। फिल्टर प्लांट के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि वहां पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए लैब चालू नहीं थी। इसके बावजूद गंदा पानी सीधे उपभोक्ताओं को सप्लाई किया जा रहा था। इस स्थिति पर कलेक्टर ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की और कहा कि पानी की सप्लाई से पहले उसकी प्रतिदिन टेस्टिंग अनिवार्य है। 44 ग्राम पंचायतों में पहुंचे कलेक्टर यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जिले की टीम ने 44 ग्राम पंचायतों और 15 नगरीय वार्डों का अवलोकन किया है। इस दौरान लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने समग्र विकास के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करने की बात भी कही। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि फिल्टर प्लांट पर लैब का संचालन और पानी की गुणवत्ता की दैनिक जांच बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी की टेस्टिंग के बाद ही उसे सप्लाई किया जाए, ताकि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
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