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कलेक्ट्रेट कर्मचारी को आजीवन कारावास की सजा:पत्नी की गोली मारकर हत्या की थी, बेटियों ने पिता के खिलाफ दी गवाही
चित्रकूट में पत्नी की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या करने के मामले में कलेक्ट्रेट कर्मचारी उमेश कुमार पटेल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए दोषी पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। बहनोई पर हत्या का आरोप लगाकर दर्ज कराया था मुकदमा जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि मामला मध्य प्रदेश के सतना जिले के नयागांव थाना क्षेत्र के खरहा गांव निवासी सुनील कुमार पटेल की तहरीर पर भरतकूप थाने में दर्ज किया गया था। सुनील के अनुसार, उनकी बड़ी बहन सुनीता की शादी घुरेटनपुर गांव निवासी कलेक्ट्रेट कर्मचारी उमेश कुमार पटेल से हुई थी। शादी के बाद उनके एक बेटा और दो बेटियां हुईं। मायके वालों से पति की प्रताड़ना की शिकायत करती थी सुनील ने बताया कि 13 जून 2023 को उन्हें सूचना मिली कि उनकी बहन सुनीता की उसके पति उमेश कुमार पटेल ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी है। परिजनों के मुताबिक, सुनीता जब भी मायके आती थी तो अपने पति की प्रताड़ना की शिकायत करती थी। वह परिवार के लोगों से यह भी कहती थी कि उसका पति उसकी हत्या कर सकता है। दोनों बेटियों ने पिता के खिलाफ दी गवाही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी उमेश कुमार पटेल को गिरफ्तार किया था। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान मृतका की दोनों बेटियों ने अपने पिता के खिलाफ गवाही दी। दोनों ने न्यायालय से गुहार लगाई थी कि उनके पिता को जेल से बाहर नहीं आने दिया जाए। बेटियों ने आशंका जताई थी कि रिहा होने के बाद वह उन्हें भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा बुधवार को बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला ने फैसला सुनाया। न्यायालय ने उमेश कुमार पटेल को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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