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कानपुर में गुरुवन्दन 2026 कार्यक्रम संपन्न:विनय सहस्त्रबुद्धे बोले- शिक्षक व्यक्तित्व उपभोग शून्य होना चाहिए, संस्थान झंझावात बावजूद भूमिका निभाएं
कानपुर में शनिवार को गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज सभागार में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कानपुर संभाग के तत्वावधान में गुरुवन्दन 2026 का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में प्रखर चिंतक और विचारक पूर्व राज्य सभा सांसद डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक का आदर्श व्यक्तित्व उपभोग शून्य होना चाहिए। उन्होंने वर्तमान समय में शिक्षक-छात्र संबंध को स्वस्थ बनाए रखने पर जोर दिया। डॉ. सहस्त्रबुद्धे ने शिक्षकत्व को समाज का सर्वाधिक सम्मानपूर्ण कार्य बताया और कहा कि चाहे शिक्षण संस्थान में कितने भी झंझावात हों, शिक्षक को अपनी महती भूमिका का निर्वाहन करना होगा। कार्यक्रम के प्रधान संरक्षक डॉ. दिलीप सरदेसाई ने संगठन की उपलब्धियों और रीति नीति पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. शैलेन्द्र द्विवेदी ने राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की गौरवशाली परंपरा पर विचार व्यक्त करते हुए शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की ओर ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने बताया कि गुरुवन्दन कार्यक्रम में लगभग 2750 शिक्षक प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च संवर्ग से 51 शिक्षक और शिक्षिकाएं उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध व्यवसायी अरविंद चतुर्वेदी ने की। संचालन डॉ. विपिन कौशिक और डॉ. पवन कुमार मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आदित्य द्विवेदी, शैलेन्द्र अवस्थी, डॉ. राहुल मिश्रा, प्रो. मनोज अवस्थी, प्रो. ए. बी. जायसवाल, चंद्रदीप सिंह यादव, ओम तिवारी, अरविंद दुबे, संजय तिवारी, के के दुबे, अमरनाथ, अलका गुप्ता, शैलेन्द्र कुमार, अम्बरीष, रचना अवस्थी, डॉ. पूजा अवस्थी, डॉ. राम मिलन सिंह, डॉ. रतन लाल, अक्षय मिश्रा, अरविंद कुशवाहा, उमेश कुमार, आशुतोष निगम, विमल गुप्ता, राकेश पाल, मनीष सिंह, आशीष सिंह, अनिल राय, शशांक दुबे, सुष्मिता, प्रदीप यादव समेत हजारों शिक्षक मौजूद रहे।
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