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क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर ₹93 लाख की ठगी:लखनऊ में RBI-SEBI सर्टिफिकेट दिखाकर भरोसा कराया, होटल में डील के बाद भागे
लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कराने के नाम पर दो कारोबारियों से कुल 93 लाख रुपए की ठगी की गई। आरोपियों ने खुद को RBI और SEBI से अधिकृत बताकर सर्टिफिकेट दिखाए। इसके बाद क्रिप्टोकरेंसी (USDT) उपलब्ध कराने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 50 लाख और दूसरे से 43 लाख रुपए ले लिए। रकम लेने के बाद न तो USDT ट्रांसफर की गई और न ही पैसे वापस किए गए। विभूतिखंड निवासी व्यवसायी अंजनी कुमार ने पुलिस से की शिकायत में बताया कि एक सितंबर को उनकी मुलाकात एक दोस्त के जरिए विभूतिखंड स्थित दयाल गेटवे होटल में फरीदा सिकंदर सौदागर और उसके सहयोगियों नंदन सिंह बिष्ट और पवन बिष्ट से हुई थी। इन लोगों ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग और निवेश कराने का प्रस्ताव दिया। साथ ही दावा किया कि वे RBI और SEBI से अधिकृत हैं। आरोपियों ने उन्हें RBI और SEBI के सर्टिफिकेट भी दिखाए और उनकी प्रतियां उपलब्ध कराईं। इसके बाद उन्हें 50 लाख रुपए की USDT बाजार मूल्य से कम कीमत पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया। 50 लाख जमा कराकर सर्वर खराब होने का बहाना पीड़ित के अनुसार, दो सितंबर को उन्हें विभूतिखंड स्थित एक ऑफिस में 50 लाख रुपए लेकर बुलाया गया। वहां फरीदा और उसके अन्य सहयोगी पहले से मौजूद थे। आरोप है कि आरोपियों ने रुपए गिनने और इसके बाद USDT ट्रांसफर करने की बात कहकर पूरी रकम अपने पास रख ली। कुछ देर बाद फरीदा ने बताया कि रुपए पूरे हैं और अब USDT ट्रांसफर की जा रही है। काफी देर इंतजार के बाद सर्वर और तकनीकी समस्या का हवाला दिया गया। इसके बाद पीड़ित को वापस दयाल गेटवे होटल ले जाया गया, जहां होटल के कमरा नंबर 509 में बैठकर ट्रांसफर का इंतजार कराया गया। अंजनी का आरोप है कि उन्हें रात करीब दो बजे तक टेक्निकल दिक्कत का हवाला देकर इंतजार कराया गया। अगले दिन दोपहर और फिर शाम तक USDT ट्रांसफर करने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन रकम उनके वॉलेट में नहीं पहुंची। ऑफिस पहुंचने पर मिला ताला, सहयोगी का फोन भी बंद तीन सितंबर की शाम तक USDT ट्रांसफर न होने पर अंजनी ने अपने 50 लाख रुपए वापस मांगे। आरोप है कि उन्हें उस ऑफिस से जाकर रुपए लेने के लिए कहा गया, जहां उन्होंने रकम जमा की थी। जब वह वहां पहुंचे तो ऑफिस पर ताला लगा मिला और वहां कोई मौजूद नहीं था। आरोपियों द्वारा दिए गए एक सहयोगी का मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ हो गया। होटल लौटकर पैसे वापस करने या USDT ट्रांसफर करने का दबाव बनाया तो आरोपियों ने केवल आश्वासन दिया। इस दौरान कुछ आरोपी वहां से निकलने का प्रयास करने लगे, जबकि नंदन सिंह बिष्ट के पहले ही भाग गया। दूसरे कारोबारी से भी 43 लाख रुपए लेने का आरोप वहीं, राजाजीपुरम सेक्टर-10 निवासी अखिलेश त्रिपाठी ने भी इसी गिरोह पर 43 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। अखिलेश के मुताबिक, 31 अगस्त को उनकी मुलाकात दयाल गेटवे होटल के कमरा नंबर 509 में नंदन, फरीदा सिकंदर सौदागर, पवन बिष्ट, अवधेश मिश्रा और राज नाम के व्यक्तियों से हुई थी। पीड़ित का आरोप है कि इन लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कराकर लाभ दिलाने का भरोसा दिया और खुद को RBI और SEBI से अधिकृत निवेश एजेंट बताया। फरीदा के नाम पर बने सर्टिफिकेट भी दिखाए गए और उनकी फोटो कॉपी दी गई। अखिलेश के अनुसार, आरोपियों ने अपने लैपटॉप पर एक क्रिप्टो वॉलेट में करीब डेढ़ करोड़ USDT दिखाकर उनका विश्वास जीता। इसके बाद उनसे क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कराने के नाम पर 43 लाख रुपए नकद ले लिए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद कुछ समय में उतनी ही कीमत की USDT उनके क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर करने का वादा किया गया था। हालांकि, 2 से 3 सितंबर तक उनके वॉलेट में कोई USDT नहीं पहुंची। बार-बार मांगने के बावजूद न तो क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर की गई और न ही रकम वापस की गई। आरोपियों ने दोनों पीड़ितों से 93 लाख की ठगी कर ली। मामले में इंस्पेक्टर विभूतिखंड का कहना है मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है, जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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