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किशनगंज-नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद:पॉक्सो कोर्ट ने 1.72 लाख रुपए जुर्माना लगाया, पीड़िता को 5 लाख देने का आदेश
किशनगंज में नाबालिग को बहला-फुसलाकर उत्तराखंड के देहरादून ले जाने और उसके साथ यौन अपराध करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी धिरेन्द्र लाल हरिजन को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपचंद पांडेय की अदालत ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पर कुल 1 लाख 72 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही बिहार सरकार के माध्यम से पीड़िता को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। टेढ़ागाछ थाने में दर्ज हुआ था मामला यह मामला किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र का है। इस संबंध में कांड संख्या 122/2024 दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार, 23 सितंबर 2024 को हुई घटना में नाबालिग को बहला-फुसलाकर देहरादून ले जाने और वहां उसके साथ यौन अपराध करने का आरोप था। मामले में 28 अक्टूबर 2024 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच के बाद दाखिल किया आरोपपत्र पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद 30 नवंबर 2024 को आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत ने 11 अप्रैल 2025 को मामले में संज्ञान लिया और 26 मई 2025 को अभियुक्त के खिलाफ आरोप गठित किए गए। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। 7 गवाहों के बयान और साक्ष्यों पर हुई सुनवाई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाहों का परीक्षण कराया गया। गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 12 अक्टूबर 2026 को धिरेन्द्र लाल हरिजन को दोषी करार दिया था। गुरुवार को अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद सश्रम आजीवन कारावास का फैसला सुनाया। दोषी पर 1.72 लाख रुपये का जुर्माना अदालत ने पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 1 लाख 72 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने के अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान किया गया है। पीड़िता को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार साह के अनुसार, अदालत ने बिहार सरकार के माध्यम से पीड़िता को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। फैसले के साथ ही मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
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