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खंडवा में पूर्व पार्षद लव जोशी कांग्रेस से निष्कासित:संगठन विरोधी पोस्ट करने पर कार्रवाई, प्रभारी बोले- असहमति सोशल मीडिया पर नहीं, पार्टी मंच पर रखनी थी
खंडवा में पूर्व पार्षद लव जोशी को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर संगठन विरोधी पोस्ट करने। अनुशासनहीनता की शिकायतों के आधार पर की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर संगठन प्रभारी महासचिव डॉ. संजय कामले ने 24 अक्टूबर को निष्कासन पत्र जारी किया। पत्र के अनुसार, लव जोशी के सोशल मीडिया अकाउंट से लगातार संगठन विरोधी पोस्ट किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इस मामले में उन्हें 24 अगस्त को पत्र जारी किया गया था। इसमें 2 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए थे। तय समय में उनका जवाब नहीं मिला। संगठन ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए निष्कासन का फैसला लिया। सार्वजनिक टिप्पणी करने पर जताई आपत्ति जिला कांग्रेस कमेटी खंडवा के प्रभारी और हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने और कांग्रेस नेत्री विभा पटेल ने संगठनात्मक अनुशासन को जरूरी बताया। उन्होंने कहा- कांग्रेस की एकता, गरिमा और प्रतिष्ठा बनाए रखना हर कांग्रेसजन की जिम्मेदारी है। पार्टी के नियमों और तय प्रक्रियाओं का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोनों नेताओं ने कहा कि गांधी भवन ट्रस्ट, कांग्रेस संगठन और पदाधिकारियों को लेकर सोशल मीडिया पर की जा रही टिप्पणियों के मामले में संबंधित लोगों को अपनी बात रखने और सुधार का मौका दिया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़ी किसी शिकायत या असहमति को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के बजाय पार्टी के अधिकृत मंच पर उठाना चाहिए। आपत्तिजनक पोस्ट पर कानूनी कार्रवाई की मांग पार्टी के नेताओं ने कहा- सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, भ्रामक या मानहानिकारक सामग्री साझा करने के मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनों के आधार पर शिकायत दर्ज कराने की मांग की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ तथ्यों और कानून का सम्मान करना भी जरूरी है। निष्कासन के बाद लव जोशी ने उठाए सवाल निष्कासन के बाद लव जोशी ने सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने पार्टी संगठन से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता कब ली। उनकी सदस्यता का नंबर क्या है। उन्होंने संगठन प्रभारी महासचिव डॉ. संजय कामले से सदस्यता नियमावली के बारे में भी पूछा। साथ ही सवाल किया कि सदस्यता कब तक मान्य रहती है।
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