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खड़गे की सभा के बाद शुद्धिकरण पर कांग्रेस का प्रदर्शन:सहारनपुर में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा, निष्पक्ष जांच-कार्रवाई की मांग
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण कराए जाने के विरोध में गुरुवार दोपहर दो बजे सहारनपुर में कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता कोर्ट रोड स्थित आयकर भवन के पास जमा हुए और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग की सलाहकार समिति के सदस्य अशोक सैनी और जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने किया। पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मेहरबान आलम ने कहा कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद शुद्धिकरण करना सामाजिक सौहार्द के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। भेदभाव स्वीकार नहीं किया अशोक सैनी ने आरोप लगाया कि यह घटना दलित विरोधी मानसिकता दिखाती है और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, ऐसे में धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने बताया कि प्रदर्शन का एक मुद्दा राहुल गांधी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में दर्ज मुकदमा भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की सोच दलित, अल्पसंख्यक और ओबीसी विरोधी है। राणा ने यह भी कहा कि कांग्रेस ऐसे मामलों में पीछे नहीं हटेगी और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी। एफआईआर वापस लेने की भी मांग उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के कार्यक्रम के बाद हुई कथित शुद्धिकरण की घटना पर भाजपा को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की भी मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के कथित बयान का भी विरोध किया और भाजपा हाईकमान से उन्हें पद से हटाने की मांग की। इस प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, अरविंद पालीवाल, भूपेंद्र सैनी, गणेश दत्त शर्मा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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