top
LU कुलपति कार्यालय के गेट पर छात्रों ने जड़ा ताला:हॉस्टल को लेकर धरना दे रहे छात्रों को जबरन हटाया, 15 दिन से चल रहा था प्रदर्शन
लखनऊ विश्वविद्यालय में हॉस्टल के कमरे न मिलने पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने बुधवार को जबरन धरनास्थल से हटा दिया। छात्र पिछले 15 दिनों से हॉस्टल के कमरे देने में पारदर्शिता की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। बुधवार को छात्रों ने कुलपति कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी कर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र की तबीयत भी बिगड़ गई। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए डीन स्टूडेंट वेलफेयर और चीफ प्रॉक्टर की मौजूदगी में छात्रों की कुछ मांगे मानी गई और कुछ को पूरा करने का 15 दिन का समय मांगा। 2 छात्रों को तत्काल हॉस्टल में कमरा दे दिया गया। चीफ प्रॉक्टर के समझाने पर भी नहीं माने छात्र प्रदर्शन के दौरान छात्रों को समझाने के लिए चीफ प्रॉक्टर मौके पर पहुंचे। हालांकि, छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को जबरन वहां से हटा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से विश्वविद्यालय परिसर में हलचल मच गई। हॉस्टल में कमरे के आंवटन की प्रक्रिया पर उठाए सवाल छात्र हॉस्टल में कमरे के आवंटन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि हॉस्टल में कमरे के आवंटन की सूची और खाली सीटों का ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। छात्रों का कहना है कि मेरिट और पात्रता के आधार पर आवंटन की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। छात्र नेता रिशेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में स्टूडेंट्स ने आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई है।
Read full article on Bhaskar