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माघ मेला 2026-27: 900 हेक्टेयर में बसेगी तंबूओं की नगरी:52 दिन चलेगा मेला, 8 सेक्टर में बसावट, 9 पैंटून पुल बनेंगे
प्रयागराज में 14 जनवरी 2027 से शुरू होने वाले 52 दिवसीय माघ मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। संगम की रेती पर लगने वाले इस मेले को दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई है। तैयारियों को लेकर पहली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक गुरुवार को प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय स्थित आईट्रिपलसी सभागार में मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. और पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया की संयुक्त अध्यक्षता में हुई। बैठक में मेले का खाका प्रस्तुत किया गया। इस बार मेला पिछले वर्ष से अधिक क्षेत्रफल में, यानी 900 हेक्टेयर में बसाया जाएगा, जिसमें कुल आठ सेक्टर होंगे। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए नौ पैंटून पुल बनाए जाएंगे। पहली बार अरैल से झूंसी के लिए भी एक पैंटून पुल का निर्माण किया जाएगा। मंडलायुक्त ने तैयारियों की गति और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अब से हर गुरुवार को समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए। वर्ष 2025-26 के माघ मेले की तुलना में, 2026-27 का मेला अधिक विस्तृत और व्यापक होगा। मेला क्षेत्र का दायरा 844 हेक्टेयर से बढ़ाकर 900 से 925 हेक्टेयर किया जा रहा है। सेक्टरों की संख्या 7 से बढ़ाकर 8 की गई है। धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की संख्या 4,900 से बढ़कर 5,200 से अधिक होगी। स्नान घाटों की संख्या 31 से अधिक और उनकी कुल लंबाई 3.60 किलोमीटर से अधिक होगी। होल्डिंग एरिया भी 16 से अधिक होंगे। पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया ने मेले में पार्किंग और यातायात प्रबंधन को सबसे संवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि पार्किंग व्यवस्था के लिए एक विशेष अधिकारी की तैनाती की जाएगी, जिसे केवल इसी कार्य की जिम्मेदारी दी जाएगी। झूंसी क्षेत्र में लगने वाले भीषण जाम से निपटने के लिए इस बार चीनी मिल के पास एक अतिरिक्त बस पार्किंग स्थल विकसित करने का प्रस्ताव है। पार्किंग स्थलों की संख्या 42 से अधिक होगी, जिनका कुल क्षेत्रफल 250 हेक्टेयर से अधिक होगा। इनकी क्षमता 1.30 लाख से अधिक वाहनों की प्रस्तावित है। सुचारु आवागमन के लिए यातायात लाइनों की संख्या 1 से बढ़ाकर 2 की जा रही है।
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