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Maharashtra: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सीमेंट रोड पर क्यों फिसलकर गिरने लगे बाइक सवार? 50-60 लोग घायल, मची अफरा-तफरी
Maharashtra News: आने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले नासिक में हज़ारों करोड़ के बड़े डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. इसी के तहत, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (नॉर्थ ज़ोन) ने नासिक-त्र्यंबकेश्वर रोड का कॉन्ट्रैक्ट ‘हर्ष कंस्ट्रक्शन’ को दिया है. हालांकि, लोगों का आरोप है कि कॉन्ट्रैक्टर सीमेंट की सतह बिछाने के बाद सड़क की सफाई और मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दे रहा है. श्रावण मास और लगातार छुट्टियों की वजह से, त्र्यंबकेश्वर जाने वाले भक्तों की भारी भीड़ होती है. लेकिन, नासिक-त्र्यंबकेश्वर रोड पर भारी कीचड़ जमा होने की वजह से, आने-जाने वाले डर जे बावजुद सफर करने को मजबूर हैं. फिसल चुके हैं 50 से 60 गाड़ी वाले मिली जानकारी के मुताबिक,शनिवार सुबह से 50 से 60 गाड़ी वाले फिसलकर एक्सीडेंट कर चुके हैं. ये एक्सीडेंट सड़क पर चल रहे काम की वजह से हो रहे हैं. मिट्टी और कीचड़ की वजह से सीमेंट रोड बहुत फिसलन भरी हो गई है, जिससे काम की क्वालिटी और पब्लिक सेफ्टी, दोनों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं. दरअसल, सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए बड़े डेवलपमेंट का काम चल रहा है, लोग परेशान हैं कि एडमिनिस्ट्रेशन इस गंभीर स्थिति को नज़रअंदाज़ क्यों कर रहा है. वहीं मंत्री गिरीश महाजन कह रहे हैं कि करोड़ों के काम हो रहे हैं और क्वालिटी काम हो रहे हैं, कॉन्ट्रॅक्टर अच्छा काम कर रहे हैं. किसे ठहराया जाना चाहिए ज़िम्मेदार? अगर डेवलपमेंट के नाम पर जान जोखिम में डाली जा रही है, तो इसके लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए? सड़क की सफ़ाई, मेंटेनेंस और सेफ़ ट्रैफ़िक मूवमेंट पक्का करना कॉन्ट्रैक्टर की ज़िम्मेदारी है या एडमिनिस्ट्रेशन की? यह भी सवाल है. बता दें कि नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला महाराष्ट्र के नासिक जिले में गोदावरी नदी के तट पर हर 12 साल में आयोजित होने वाला एक प्रमुख हिंदू धार्मिक महापर्व है. अगला भव्य सिंहस्थ कुंभ मेला 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ शुरू होगा और 24 जुलाई 2028 को संपन्न होगा. (महाराष्ट्र से शाहिद अंसारी की रिपोर्ट)
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