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महासमुंद के छात्रों ने दिल्ली में बिखेरी छत्तीसगढ़ की संस्कृति:राष्ट्रपति से मिली रागनी, चंद्रयान मिशन और नवाचार में भी हासिल किए अनुभव
महासमुंद जिले के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की 12वीं कक्षा की छात्रा रागनी साहू ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी उपलब्धियों के बारे में बताया। इस दौरान छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने सुआ नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। राष्ट्रपति ने प्रस्तुति की तारीफ करते हुए छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की सराहना की। रागनी साहू ने 22 से 31 अगस्त तक ग्रेटर नोएडा के गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ‘मिशन शक्तिसैट-चंद्र मिशन’ की 10 दिवसीय वर्कशॉप में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान और सैटेलाइट बनाने से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कोडिंग, सोल्डरिंग और क्यूबसैट बनाने जैसी गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। रागनी ने ISRO वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से की मुलाकात वर्कशॉप के दौरान रागनी ने कार्यक्रम निदेशक डॉ. श्रीमथी केशन, राजदूत जाया तारे, इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मुलाकात की। उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े कई महत्वपूर्ण अनुभव मिले। साथ ही अलग-अलग देशों से आए विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी संस्कृति को जानने का मौका भी मिला। इसी स्कूल के 12वीं विज्ञान के छात्र डिगेश कुमार सेन और दुर्गेश साहू ने अटल नवाचार मिशन और नीति आयोग की अनुभव यात्रा में हिस्सा लिया। उन्होंने अधिकारियों को महासमुंद की अटल टिंकरिंग लैब में किए जा रहे नए प्रयोगों और तैयार किए जा रहे प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने नीति आयोग के काम करने के तरीके को भी समझा। महासमुंद के छात्रों ने अटल उद्भवन केंद्र का किया दौरा 28 अगस्त को दोनों छात्रों ने नई दिल्ली के द्वारका स्थित अटल उद्भवन केंद्र, गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय का दौरा किया। यहां उद्भवन प्रभारी प्रिंस गौतम ने छात्रों को किसी आइडिया को प्रोटोटाइप में बदलने, नवाचार, पेटेंट, कॉपीराइट और बिजनेस शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में बताया। छात्रों के प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें ऑनलाइन कार्यक्रमों से जोड़ने और जरूरी सहयोग देने की बात भी कही गई। विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र का किया भ्रमण 24 अगस्त को विद्यार्थियों ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र का भ्रमण किया। यहां उन्होंने 3D प्रदर्शन, आभासी रंगमंच, अंतरिक्ष विज्ञान और कई विज्ञान गतिविधियों में हिस्सा लिया। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों ने विज्ञान की कई बातों को आसानी से समझा। ‘टेक उदय 4.0’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने संकेत लेखन, वेबसाइट बनाने और तकनीकी प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी भी हासिल की। डिगेश सेन ने बताया कि इस यात्रा से उन्हें सिर्फ मॉडल बनाने के बजाय वास्तविक समस्याओं का समाधान करने वाले नए आइडिया पर काम करने की प्रेरणा मिली। रागनी साहू ने मिशन शक्तिसैट को अंतरिक्ष विज्ञान सीखने का यादगार अनुभव बताया। वहीं, दुर्गेश साहू ने कहा कि अटल उद्भवन केंद्र में उन्होंने सीखा कि किसी नए विचार को स्टार्टअप के रूप में कैसे विकसित किया जा सकता है। पूरे कार्यक्रम के दौरान मार्गदर्शक शिक्षक चंद्रशेखर मिथलेश विद्यार्थियों के साथ रहे। राज्य कार्यालय से डॉ. मुक्ति बैस राज्य कार्यक्रम अधिकारी और नोडल अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। छत्तीसगढ़ लौटने के बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की और उन्हें अपनी यात्रा और वहां मिले अनुभवों के बारे में बताया।
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