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मुजफ्फरनगर में पश्चिम बंगाल कस्टम विभाग की दबिश:कारोबारी राजीव जैन की तलाश में पहुंची, 40 करोड़ टैक्स चोरी का मामला
मुजफ्फरनगर में भूटान बॉर्डर के रास्ते फेरो सिलिकॉन के आयात में 30 से 40 करोड़ रुपए तक की कथित टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच की आंच मुजफ्फरनगर तक पहुंच गई है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे पश्चिम बंगाल कस्टम विभाग की टीम ने कारोबारी राजीव जैन की तलाश में शहर में दबिश दी। शहर कोतवाली और खालापार थाना पुलिस को साथ लेकर टीम भारत माता मंदिर के पास पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित कारोबारी के आवास पर पहुंची, लेकिन वह घर पर नहीं मिले। इसके बाद टीम ने उन्हें कानूनी नोटिस थमा दिया। दो ट्रक पकड़े जाने के बाद शुरू हुई जांच दिए गए नोटिस के मुताबिक, मामले की शुरुआत 25 अक्टूबर को भारत-भूटान बॉर्डर पर फेरो सिलिकॉन से लदे दो ट्रकों को पकड़े जाने से हुई। दोनों ट्रकों के जरिए भूटान से भारत में माल आयात किया जा रहा था। जांच के दौरान कथित गड़बड़ी मिलने पर कस्टम विभाग ने दोनों ट्रकों को सीज कर दिया। इसके बाद शुरू हुई पड़ताल में आयात के बड़े नेटवर्क से जुड़े कई तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। दो महीने में भारत पहुंचे 215 ट्रक जांच के दौरान पता चला कि करीब दो महीने के भीतर फेरो सिलिकॉन से लदे 215 ट्रक भूटान बॉर्डर पार कर भारत में दाखिल हुए। नोटिस में 8 सितंबर, 16 सितंबर, 19 सितंबर, 7 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को ट्रकों के भारत में प्रवेश का उल्लेख किया गया है। इतने बड़े पैमाने पर हुए आयात की जांच में करीब 30 से 40 करोड़ रुपए की कथित टैक्स चोरी की बात सामने आई है। कारोबारी की फर्म के नाम पर हुआ आयात नोटिस के अनुसार, मुजफ्फरनगर के रहने वाले कारोबारी राजीव जैन की फर्म ‘श्री वेंकटेश्वर इंटरप्राइजेज’ के नाम पर फेरो सिलिकॉन का आयात किया गया था। इसी सिलसिले में पश्चिम बंगाल कस्टम विभाग की टीम कारोबारी की तलाश में मुजफ्फरनगर पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ उनके आवास पर दबिश दी गई, लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद उन्हें कानूनी नोटिस दिया गया। फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होता है फेरो सिलिकॉन फेरो सिलिकॉन का इस्तेमाल औद्योगिक इकाइयों में लोहे और इस्पात के गुणों में सुधार करने के लिए किया जाता है। फिलहाल कस्टम विभाग पूरे आयात और कथित टैक्स चोरी के मामले की जांच कर रहा है। मामले में कारोबारी की भूमिका और आरोपों को लेकर उनका पक्ष सामने नहीं आया है। हालांकि, कारोबारी की तलाश में पश्चिम बंगाल से आई कस्टम विभाग की टीम की कार्रवाई के बाद जिले के कारोबारियों में हलचल मची हुई है।
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