top
मिल्कीपुर तहसील में तहसीलदार-अधिवक्ता में तीखी नोकझोंक:नामांतरण विवाद को लेकर हुई कहासुनी, अधिवक्ताओं में आक्रोश
अयोध्या जिले की मिल्कीपुर तहसील में बुधवार 23 सितंबर को तहसीलदार और एक वकील के बीच तीखी बहस हुई। इस घटना के बाद तहसील के वकीलों में गुस्सा है और वे एकजुट हो रहे हैं। यह मामला सिड़सिड़ गांव में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर मौजूद एक कीमती जमीन के नामांतरण से जुड़ा है। वकील देवेंद्र प्रताप सिंह ने तहसीलदार राजीव वर्मा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने नियमों के खिलाफ जाकर जमीन के नामांतरण का आदेश दे दिया। वकील का कहना है कि यह जमीन विवादित है और इस पर नियमों के हिसाब से सुनवाई नहीं हुई। इसी बात को लेकर बुधवार को तहसीलदार के कोर्ट में वकील और तहसीलदार के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बात बढ़ गई और दोनों में तीखी नोंकझोंक हुई। घटना की खबर मिलते ही तहसील के दूसरे वकील भी वहां पहुंच गए और देवेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन में आ गए। वहीं, इस पूरे मामले पर तहसीलदार राजीव वर्मा ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वकील देवेंद्र प्रताप सिंह ने उनके साथ बदतमीजी की है। यह कोर्ट की अवमानना का मामला था। उन्होंने बताया कि वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही नियमों के हिसाब से कार्रवाई की गई है। कोई भी काम नियमों के खिलाफ नहीं किया गया है। तहसीलदार राजीव वर्मा ने यह भी बताया कि उन्होंने 24 अगस्त को मिल्कीपुर तहसीलदार का पद संभाला था। पद संभालने के बाद से अब तक कई वजहों से सिर्फ दो दिन ही कोर्ट चल पाया है। इस वजह से रुके हुए मामलों को निपटाने में समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि वे नियमों के हिसाब से ही काम कर रहे हैं। फिलहाल तहसील परिसर में तनाव बना हुआ है। वकीलों ने इस मामले की शिकायत बड़े अधिकारियों से करने की बात कही है। साथ ही, बार एसोसिएशन की बैठक बुलाने की भी तैयारी चल रही है।
Read full article on Bhaskar