crime
'मेरे एरिया में गाड़ी आई तो आग लगा देंगे':गड्ढा बंद करने पहुंची अवंतिका गैस की टीम के साथ मारपीट; पार्षद और साथियों पर आरोप
इंदौर के शीतल नगर में खुले गड्ढे को बंद करने पहुंची अवंतिका गैस लिमिटेड की टीम के साथ मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। कंपनी ने आरोप लगाया है कि 14 अगस्त की रात मौके पर पहुंचे कर्मचारियों और श्रमिकों के साथ पार्षद बालमुकुंद सोनी और उनके कुछ साथियों ने मारपीट की। कंपनी का दावा है कि इस दौरान टीम के वाहन प्रभारी को जातिगत अपशब्द कहे गए और उनके साथ गंभीर मारपीट की गई। आरोप है कि गैस पाइप लाइन हादसे में पार्षद के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद वे बौखला गए हैं और मारपीट पर उतर आए हैं। खास बात यह कि पुलिस ने बजाय नामजद के अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया कंपनी के अनुसार 14 अगस्त की रात करीब 11 बजे अवंतिका गैस की टीम को शीतल नगर में यशिका मार्बल के पास खुले गड्ढे को बंद करने भेजा गया था। अगले दिन स्वतंत्रता दिवस होने के कारण क्षेत्र में भीड़ और आवागमन बढ़ने की संभावना थी। साथ ही नगर निगम को इस खुले गड्ढे को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कंपनी के मुताबिक जनसुरक्षा और संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए टीम को रात में ही गड्ढा बंद करने के लिए भेजा था। कंपनी बोली- 8 दिन से यहां कोई काम नहीं हो रहा था अवंतिका गैस के अनुसार करीब आठ दिन पहले पार्षद बालमुकुंद सोनी ने गैस लाइन से संबंधित कंपनी का काम रुकवा दिया था। इसके बाद टीम ने उस स्थान पर कोई काम नहीं किया था। कंपनी का कहना है कि संबंधित गैस पाइपलाइन के काम के लिए उसके पास नगर निगम की वैध अनुमति भी है। दो गैस नेटवर्क को जोड़ने का काम प्रस्तावित था कंपनी के मुताबिक क्षेत्र में गैस नेटवर्क से जुड़े दो हिस्सों को आपस में जोड़ने का काम प्रस्तावित था। दोनों क्षेत्रों में गैस की मांग अधिक होने के कारण नेटवर्क को जोड़ने का उद्देश्य भविष्य में उपभोक्ताओं को निर्बाध गैस आपूर्ति उपलब्ध कराना था। कंपनी का कहना है कि 14 अगस्त की रात टीम केवल खुले गड्ढे को बंद करने के लिए मौके पर पहुंची थी। वाहन प्रभारी को पीटने का आरोप कंपनी के मुताबिक टीम के मौके पर पहुंचते ही पार्षद और उनके कुछ साथियों ने कर्मचारियों और वहां मौजूद श्रमिकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान वाहन प्रभारी के साथ कथित तौर पर जातिगत अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। कंपनी का कहना है कि मारपीट में वाहन प्रभारी को गंभीर चोटें आई हैं और वह फिलहाल ठीक से बोल पाने की स्थिति में भी नहीं हैं। ‘गाड़ी आई तो आग लगा देंगे’ की धमकी देने का आरोप अवंतिका गैस ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान टीम को क्षेत्र में दोबारा काम करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। कंपनी कर्मचारियोंको धमकी दी कि अगर आज के बाद अवंतिका गैस की गाड़ी मेरे एरिया में आई तो गाड़ी में आग लगा देंगे।” कंपनी का आरोप है कि इस धमकी के कारण कर्मचारियों में भय का माहौल है। पहले भी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने का दावा कंपनी ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ माह पहले अवैध बोरिंग के कारण अवंतिका गैस की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। कंपनी के अनुसार इस मामले में पार्षद के खिलाफ FIR भी दर्ज हुई थी। इस घटना के बाद से ही कंपनी के कर्मचारियों और काम में बाधा डालने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कंपनी की सफाई- विवाद के लिए नहीं गई थी टीम कंपनी ने स्पष्ट किया कि 14 अगस्त की रात उसकी टीम किसी विवाद या बहस के लिए मौके पर नहीं गई थी। टीम को नगर निगम से मिली शिकायतों और स्वतंत्रता दिवस के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से खुले गड्ढे को बंद करने के लिए भेजा गया था। मामले में पार्षद बालमुकुंद सोनी ने मारपीट से साफ इनकार किया है। उन्होंने का कहा कि 15 दिन पहले अवंतिक गैस कंपनी द्वारा रेडिसन होटल के पास खुदाई की जा रही थी। इस दौरान मैं वहां से गुजरा तो मैंने कहा कि यहां से नर्मदा पाइप लाइन है। यह फूट सकती है और उन्हें मना किया। अगले दिन जब मैं वहां पहुंचा तो देखा कि वहां खुदाई के कारण नर्मदा लाइन फूट चुकी थी जिसके कारण क्षेत्र के 700 परिवारों को दो दिन पानी नहीं मिला। इन दो दिनों में मैंने टैंकर से पानी वितरण कराया। 14 अगस्त की रात को मेरे साथी ने सूचना दी कि क्षेत्र में कंपनी के लोग खुदाई के लिए पहुंचे तो मैंने पुलिस को सूचना दी और कंपनी के कर्मचारियों को समझाया कि यहां खुदाई न करे। फिर वे वे करने लगे तो मैंने अपने सीनियर कार्यकर्ताओं से बात की तो उन्होंने सलाह दी कि इन्हें काम नहीं करने दें नहीं तो फिर से पाइप लाइन फूट जाएगी। मैंने या मेरे साथियों ने कोई मारपीट नहीं की है।
Read full article on Bhaskar