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मंत्री बोले, 30 साल से बंद चीनी मिल फिर खुलेंगी:20 नवंबर को आधारशिला रखी जाएगी, बढ़ेंगे रोजगार-किसानों की आय
दरभंगा में गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार की ओर से सोमवार को एक दिवसीय गन्ना किसान संगोष्ठी सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन प्रेक्षागृह में हुआ। किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से गन्ने की खेती करने और विभागीय योजनाओं का लाभ लेने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री संजय कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंत्री संजय कुमार ने कहा कि करीब 30 साल से बंद चीनी मिल को फिर से चालू किया जाएगा। इसके लिए 20 नवंबर को आधारशिला रखी जाएगी। चीनी मिलों के फिर से संचालन से मिथिला क्षेत्र में गन्ना किसानों की आय बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के हित में संचालित योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक हर हाल में पहुंचाया जाए। उन्होंने किसानों से गन्ने की खेती से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने और कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान का लाभ उठाने की अपील की। विभाग के पोर्टल से एक दिन में करीब 26 हजार किसानों ने निबंधन कराया है। वैज्ञानिकों को किसानों के बीच जाकर तकनीकी जानकारी देने और उत्पादन-उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। गन्ना अनुसंधान संस्थान खोलने की दिशा में पहल करने की बात कही। किसानों से गन्ने की फसल तैयार रखने का आह्वान दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि चीनी मिलों के संचालन से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने किसानों से चीनी मिलों के संचालन को देखते हुए अभी से गन्ने की फसल तैयार रखने का आह्वान किया। केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने किसानों से गन्ना उत्पादन के लिए अपना निबंधन कराने की अपील की। उन्होंने किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही कार्यशाला में मिली तकनीकी जानकारी को गांव के अन्य किसानों तक पहुंचाने का आग्रह किया। दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश कुमार मंडल ने कहा कि चीनी मिलों का संचालन शुरू होने वाला है, इसलिए किसान अभी से गन्ने की फसल की तैयारी शुरू करें। गौड़ाबौराम विधायक सुजीत कुमार सिंह ने किसानों की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित समाधान करने पर जोर दिया। बीज की कटाई, परिवहन, लोडिंग और अनलोडिंग का खर्च सरकार देगी ईखायुक्त अनिल कुमार झा ने कहा कि किसानों को नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज उपलब्ध कराया जाएगा। बीज की कटाई, परिवहन, लोडिंग और अनलोडिंग का खर्च राज्य सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ने की खेती का क्षेत्र बढ़ने से उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि होगी। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि गन्ना उद्योग विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक और विभागीय योजनाओं की जानकारी मिल रही है। रैयाम और सकरी चीनी मिलों के फिर से संचालन से गन्ना किसानों को लाभ मिलेगा। दोनों चीनी मिल क्षेत्रों के अंतर्गत अब तक करीब 26 हजार किसानों ने अपना निबंधन कराया है। योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीक की जानकारी देने के लिए जिले के प्रखंड-पंचायत स्तर पर भी किसान गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं। बेहतर काम करने वाले किसानों को सम्मानित किया कार्यशाला में किसानों को गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम, गन्ना यंत्रीकरण योजना, गन्ना नर्सरी-बीज विकास योजना और गुड़ इकाई योजना की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने गन्ने की खेती की नई तकनीक, बेहतर प्रभेद के चयन, एकल गांठ बीज गुणक, पोषक तत्व प्रबंधन और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन समेत विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री, सांसद एवं विधायकों ने प्रगतिशील किसानों और बेहतर कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना कार्यक्रम का उद्देश्य गन्ने के क्षेत्र का विस्तार, उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि और किसानों की आय-आर्थिक स्थिति को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में ईखायुक्त अनिल कुमार झा, डीएम कौशल कुमार, डीडीसी स्वप्निल, सहायक निदेशक ईख विकास अजीत कुमार प्रसाद सहित विभागीय अधिकारी, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन गन्ना उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक रेहमंत झा ने किया।
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