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मेधा पाटकर बोलीं- नर्मदा घाटी की हकीकत देखें CM:2019 से कई परिवार टीनशेड में रहने को मजबूर; कल बड़वानी आएंगे मुख्यमंत्री
बड़वानी में नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर ने गुरुवार शाम मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से नर्मदा घाटी के डूब प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्वागत है, लेकिन उन्हें डूब प्रभावितों की समस्याओं पर ठोस निर्णय लेना चाहिए। वर्ष 2019 से टीनशेड में रहने को मजबूर हैं कई परिवार मेधा पाटकर ने बताया कि कई परिवार 2019 से टीनशेड और 2023 से शासकीय भवनों में रह रहे हैं। सरदार सरोवर बांध के गेट न खुलने से नर्मदा का जलस्तर 134 मीटर से ऊपर है, जिससे निचले और ऊपरी दोनों क्षेत्रों के लोग चिंतित हैं। बैकवॉटर स्तर कम करने और मुआवजा न मिलने का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2008 में बैकवॉटर स्तर कम दिखाकर 15,946 परिवारों को विस्थापित किया गया था। एकलबारा और चंदनखेड़ी सहित कई गांव आज भी प्रभावित हैं। दुकानदारों, मछुआरों, कुम्हारों और नाविकों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दे अब भी लंबित हैं। पीथमपुर के प्रदूषण और बड़वानी में सीवेज प्लांट पर उठाए सवाल मेधा पाटकर ने नर्मदा नदी में पीथमपुर और सुकेत से आने वाले प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 7 वर्ष पूर्व स्वीकृत बड़वानी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। गुजरात सरकार से पुनर्वास और डूबी जमीन का मुआवजा बकाया उन्होंने बताया कि पुनर्वास पर खर्च हुए 2,888 करोड़ रुपए और डूबी हुई 26,000 हेक्टेयर भूमि के बदले 7,669 करोड़ रुपये का मुआवजा गुजरात सरकार से मिलना बाकी है। पाटकर ने मुख्यमंत्री से जनसंवाद कर समस्याओं का समाधान निकालने की अपेक्षा जताई। खाटू श्याम मंदिर में दर्शन करेंगे मुख्यमंत्री बता दें कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अगस्त को बड़वानी जिले के प्रवास पर रहेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्राम तलुन स्थित हेलीपैड पर उतरेंगे। इसके बाद वे सड़क मार्ग से खाटू श्याम मंदिर पहुंचकर दर्शन करेंगे। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'जन विश्वास अभियान' की समीक्षा भी करेंगे।
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