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मधेपुरा सदर अस्पताल कैंपस में सांप काटे मरीज का झाड़फूंक:एंटी स्नेक वेनम की 28 वायल दी गई थी; इलाज के दौरान ही दवा काउंटर के पास झाड़फूंक
मधेपुरा के सदर अस्पताल परिसर में रविवार को सांप काटने की मरीज को इलाज के बीच रेड जोन से बाहर निकालकर झाड़फूंक कराने का मामला सामने आया। महिला का शनिवार रात से अस्पताल में इलाज चल रहा था और डॉक्टरों की निगरानी में उसकी स्थिति में सुधार भी हो रहा था। इसके बावजूद परिजन ने उसे अस्पताल के रेड जोन से बाहर निकालकर ओपीडी स्थित दवा काउंटर के पास बैठा दिया। इसके बाद गांव से आए दो लोगों ने महिला की झाड़फूंक शुरू कर दी। झाड़फूंक देखने के लिए अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। बाद में जब झाड़फूंक से महिला की स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने उसे दोबारा अस्पताल के बेड पर पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला को इलाज के दौरान 28 वायल सीएसबी (एंटी स्नेक वेनम) दिया जा चुका है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। सोते समय दाहिने हाथ में सांप ने काटा मामला घैलाढ़ प्रखंड के श्रीनगर गांव का है। यहां के देव नारायण दास की पत्नी मंजू देवी (35) शनिवार रात घर में सो रही थीं। इसी दौरान सांप ने उनके दाहिने हाथ में काट लिया। सांप के काटने के बाद परिजन उन्हें तत्काल घैलाढ़ पीएचसी लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, वहां चिकित्सकों ने बताया कि सांप काटने के मरीज के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसके बाद महिला को मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। सदर अस्पताल में शुरू हुआ इलाज, हालत में हुआ सुधार परिजन महिला को लेकर मधेपुरा सदर अस्पताल पहुंचे। यहां शनिवार रात से ही उसका इलाज शुरू कर दिया गया। चिकित्सकों की निगरानी में महिला का उपचार किया गया। परिजनों के अनुसार, इलाज के बाद उसकी स्थिति में कुछ सुधार भी देखने को मिला। रविवार को इसी दौरान परिजनों ने महिला को अस्पताल के रेड जोन से बाहर निकाल लिया। उसे ओपीडी स्थित दवा काउंटर के पास ले जाया गया, जहां गांव से आए महेंद्र तांती और उसके एक साथी ने झाड़फूंक शुरू कर दी। झाड़फूंक देखने के लिए जुटी भीड़ अस्पताल परिसर में महिला की झाड़फूंक शुरू होते ही वहां लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान महिला के आसपास लोग खड़े होकर झाड़फूंक की प्रक्रिया देखते रहे। महिला के चाचा गजेंद्र दास ने बताया कि मंजू देवी को रात में सोने के दौरान सांप ने दाहिने हाथ में काट लिया था। सदर अस्पताल में इलाज शुरू होने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ था। इसके बाद गांव के महेंद्र तांती और उसके एक साथी ने झाड़फूंक की। हालांकि, झाड़फूंक कराने के बाद महिला की स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। इसके बाद परिजन उसे दोबारा अस्पताल के बेड पर ले गए और इलाज जारी कराया। डॉक्टर बोले- हालत स्थिर, 28 वायल एंटी स्नेक वेनम दिया सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि मंजू देवी की स्थिति फिलहाल स्थिर है। इलाज के दौरान उसे 28 वायल सीएसबी (एंटी स्नेक वेनम) दिया गया है। वर्तमान में मरीज खतरे से बाहर बताई जा रही है। चिकित्सक के अनुसार, सांप काटने के मामलों में समय पर अस्पताल पहुंचना और चिकित्सकीय उपचार लेना बेहद महत्वपूर्ण होता है। मंजू देवी का अस्पताल में इलाज जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इलाज के बीच अंधविश्वास का मामला बना चर्चा सदर अस्पताल परिसर में इलाज के दौरान मरीज को रेड जोन से बाहर निकालकर झाड़फूंक कराने की घटना चर्चा का विषय बन गई। एक ओर डॉक्टर एंटी स्नेक वेनम देकर महिला का इलाज कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर परिजनों ने पारंपरिक तरीके से झाड़फूंक कराने का सहारा लिया। हालांकि झाड़फूंक के बाद मरीज को फिर अस्पताल के बेड पर लाकर चिकित्सकीय उपचार जारी कराया गया। फिलहाल महिला की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
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