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मधेपुरा सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार सस्पेंड:सील हॉस्पिटल को खुलवाने के लिए पैसे लेने का आरोप
मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार को बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने निलंबित कर दिया है। उन पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और सील किए गए सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को खुलवाने के लिए पैसे लेने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार, 18 सितंबर को इससे संबंधित अधिसूचना जारी की। विशेष कार्य पदाधिकारी सह संयुक्त सचिव रेणु कुमारी ने यह अधिसूचना जारी की है। मधेपुरा डीएम ने पत्र के जरिए डॉ. विजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे। दोबारा खोलने के लिए पैसे लेने के आरोप इसके अलावा, निजी नर्सिंग होम की जांच और लाइसेंस के नाम पर अवैध पैसे के लेन-देन से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था। इसकी जांच के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक टीम बनाई गई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट सौंपी। जांच रिपोर्ट में डॉ. विजय कुमार का आचरण पहली नजर में भ्रष्ट पाया गया। विभाग ने इसे बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन माना है। अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को पहले सील करने का निर्देश था। लेकिन, गलत इरादे से तय निर्देश से हटकर उसे खोलने का आदेश दिया गया। अस्पताल को दोबारा खोलने के लिए पैसे लेने के आरोप भी उन पर लगे हैं। अलग से विभागीय कार्यवाही की जाएगी शुरू स्वास्थ्य विभाग ने मिले सबूतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ. विजय कुमार को तुरंत निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(क) के तहत की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। आरोपों की पूरी जांच के लिए उनके खिलाफ अलग से विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी। करीब एक महीने पहले सिविल सर्जन का नगद पैसे लेते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद डीएम ने जांच कमेटी बनाई और उसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी। एक महीने तक कार्रवाई न होने पर युवाओं ने चार दिन पहले अस्पताल में प्रदर्शन भी किया था। डीएम की जांच रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जन को निलंबित कर दिया।
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